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Second Heart Attack Risk : दूसरी बार अटैक का खतरा किन कारणों से बढ़ता है, कार्डियोलॉजिस्ट से जानिए

Preventing Second Heart Attack : सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. हेमंत चतुर्वेदी से जानें कि डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, तनाव और जीवनशैली को नियंत्रित करके दूसरे दिल के दौरे को कैसे रोका जा सकता है।

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Second Heart Attack Risk

Second Heart Attack Risk : दूसरी बार अटैक का खतरा किन कारणों से बढ़ता है, कार्डियोलॉजिस्ट से जानिए (फोटो सोर्स: AI image@Gemini)

Second Heart Attack Risk : यदि डायबिटिज, हाई ब्लड प्रेशर, धूम्रपान, तनाव, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई लिपोप्रोटीन (ए), जंक फ़ूड और डाइट संबंधी लापरवाही जैसे जोखिम कारक बने रहते हैं तो धमनियों में नई संकीर्णता विकसित हो सकती है, पहले से मौजूद संकीर्णता और बिगड़ सकती है, या पहले से लगाए गए स्टेंट में टिश्यू में वृद्धि हो सकती है और वह बंद होने लग सकता है। अक्सर, रोगी लापरवाह हो जाता है और कई कारणों से धूम्रपान, मिठाई और जंक फ़ूड खाना फिर से शुरू कर देता है। सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. हेमंत चतुर्वेदी से जानते हैं दूसरी बार के हार्ट अटैक से कैसे बचे।

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