
Shah bano : हक की लड़ाई के फैसले ने दी खुशी, कानून ने तोड़ कर रख दिया दिल...
Shah Bano: शाह बानो…माथे पर संघर्ष की झुर्रियां, चेहरे पर अनुभवों की लकीरें, उम्मीदों और साहस से भरी आंखें… न वो मंच पर बोलने वाली महिला थी, न ही कोई नेता… सिर पर हमेशा दुपट्टा तहजीब-तमीज के घूंघट से झांकते चेहरे का नूर जैसे कहता था मैं एक महिला हूं, लेकिन अपने लिए नहीं… अपने वजूद के लिए लड़ने आई हूं… साहस और मिसाल की ये कहानी रचने वाली शाह बानो ने दिल में एक टीस लिए 1992 में दुनिया को अलविदा कह दिया।
पूरी खबर पढ़ने के लिए लॉगिन करें।
बड़ी खबरें
View AllPatrika Special News
ट्रेंडिंग
