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क्या टूट जाएगा प्रयागराज में 1978 की बाढ़ का रिकॉर्ड? नाव से पहली मंजिल पर पहुंचते थे लोग

प्रयागराज, जिसे संगम नगरी के नाम से जाना जाता है, इन दिनों गंगा और यमुना नदियों के उफान के कारण बाढ़ की चपेट में है। दोनों नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
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प्रयागराज

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Om Prakash Sharma

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Updated: 4 Aug 2025, 9:44 PM IST

प्रयागराज में बाढ़ की विभीषिका, PC - Patrika Team

प्रयागराज: पिछले एक हफ्ते से गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अगर ऐसा ही रहा तो अगले कुछ दिनों में 1978 की बाढ़ का रिकॉर्ड टूट सकता है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 88.390 मीटर और यमुना का जलस्तर नैनी में 87.990 मीटर तक पहुंचने का रिकॉर्ड है। रविवार रात तक गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 85.87 मीटर और यमुना का जलस्तर नैनी में 85.82 मीटर हो गया। जानकारों का कहना है कि अगले दो दिन और जलस्तर बढ़ सकता है। इसके चलते प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।

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