3 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एशियन गेम्स: छठे दिन रोशिबिना का रजत, रोइंग में कांस्य; कबड्डी में चीनी ताइपे पर दबदबा

आइची-नागोया एशियन गेम्स में छठे दिन भारत के लिए पदकों की शुरुआत शानदार रही। वुशु में रोशिबिना देवी ने लगातार दूसरी बार रजत पदक जीतकर अपनी निरंतरता दिखाई, जबकि रोइंग में सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने कांस्य पदक भारत की झोली में डाला। अब निगाहें कबड्डी पर हैं, जहां भारतीय टीम चीनी ताइपे के खिलाफ बढ़त बनाकर सेमीफाइनल की ओर बढ़ रही है।
4 min read
Google source verification

•

image

Swatantra Mishra

•

Sep 24, 2026

India at Asian Games

एशियन गेम्स में अबतक भारत ने 14 पदक हासिल कर लिए हैं। (Photo: ChatGpt)

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 के छठे दिन भारत के लिए पदकों की शुरुआत दोहरी सफलता के साथ हुई। सुबह के सत्र में भारतीय खिलाड़ियों ने वुशु और रोइंग में एक-एक पदक अपने नाम किया। रोइंग की पुरुष डबल स्कल्स स्पर्धा में सतनाम सिंह और सलमान खान ने कांस्य पदक जीता, जबकि वुशु की महिला सांडा 60 किलोग्राम वर्ग में नाओरेम रोशिबिना देवी ने रजत पदक हासिल किया। इसके साथ ही भारत की कुल पदक संख्या 14 हो गई, जिसमें एक स्वर्ण, छह रजत और सात कांस्य शामिल हैं।

छठे दिन भारत का अभियान यहीं थमने वाला नहीं है। शूटिंग, एथलेटिक्स, हॉकी, कबड्डी, स्क्वॉश, कैनो स्प्रिंट और कई अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ी मैदान पर हैं। ऐसे में दिन के आगे बढ़ने के साथ भारत की पदक तालिका में और इजाफे की उम्मीद बनी हुई है।

रोशिबिना का लगातार दूसरा एशियन गेम्स रजत

वुशु में रोशिबिना देवी ने महिला सांडा 60 किलोग्राम वर्ग में एक बार फिर एशियन गेम्स का रजत पदक हासिल किया। फाइनल में उनका सामना चीन की झांग शियाओयू से हुआ, जहां भारतीय खिलाड़ी को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। चीन की खिलाड़ी ने दोनों राउंड 5-0 के अंतर से अपने नाम किए।

रोशिबिना की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने लगातार दूसरे एशियन गेम्स में इसी स्पर्धा में रजत पदक जीता है। 2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स में भी वह फाइनल तक पहुंची थीं, लेकिन वहां उन्हें चीन की शियाओवेई वू के हाथों हार मिली थी। यानी इस बार भी स्वर्ण से वह एक कदम दूर रह गईं, लेकिन एशिया के सबसे बड़े बहु-खेल मंच पर लगातार दो संस्करणों में रजत जीतना उनके निरंतर प्रदर्शन को दर्शाता है।

रोइंग में सतनाम-सलमान की शानदार वापसी

दिन का दूसरा पदक रोइंग से आया। पुरुष डबल स्कल्स फाइनल में सतनाम सिंह और सलमान खान की भारतीय जोड़ी ने 6:13.25 का समय निकालकर कांस्य पदक हासिल किया। चीन की जोड़ी ने स्वर्ण और उज्बेकिस्तान ने रजत पदक जीता।

भारतीय जोड़ी की शुरुआत पदक की मजबूत दावेदारी के साथ हुई थी। वे 500, 1000 और 1500 मीटर तक दूसरे स्थान पर बने रहे। अंतिम चरण में चीन और उज्बेकिस्तान के खिलाड़ियों ने गति बढ़ाई और भारतीय जोड़ी तीसरे स्थान पर आ गई। इसके बावजूद सतनाम और सलमान ने कांस्य पर कब्जा जमाकर भारत के खाते में महत्वपूर्ण पदक जोड़ा।

रोइंग में भारत को एक और पदक का मौका था, लेकिन पुरुष सिंगल स्कल्स में बलराज पंवार चौथे स्थान पर रहे। पंवार 500, 1000 और 1500 मीटर तक दूसरे स्थान पर थे, लेकिन अंतिम 500 मीटर में जापान और उज्बेकिस्तान के खिलाड़ियों ने उन्हें पीछे छोड़ दिया। उन्होंने 6:54.80 का समय दर्ज किया।

कबड्डी में भारत की नजर सेमीफाइनल पर

भारत के लिए कबड्डी भी छठे दिन का बड़ा आकर्षण है। पुरुष टीम का सामना ग्रुप ए के आखिरी मुकाबले में चीनी ताइपे से है। इससे पहले भारत जापान, दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश को हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुका है। बांग्लादेश के खिलाफ भारत ने 48-25 से जीत दर्ज की थी।

चीनी ताइपे के खिलाफ मुकाबले में भी भारत ने तेज शुरुआत की है और शुरुआती चरण में 17-7 की बढ़त बना ली है। यह मुकाबला भारत के लिए ग्रुप चरण का आखिरी मैच है। कबड्डी के पुरुष सेमीफाइनल 25 सितंबर को खेले जाएंगे, जबकि स्वर्ण पदक का मुकाबला 26 सितंबर को होगा।

भारत की पुरुष कबड्डी टीम एशियन गेम्स में अपनी मजबूत परंपरा को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। टीम ने ग्रुप चरण में अब तक लगातार जीत दर्ज की है और सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद उसकी नजर अब नॉकआउट मुकाबलों पर है।

हॉकी में दक्षिण कोरिया की चुनौती

कबड्डी के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम भी छठे दिन मैदान पर उतरेगी। भारत का मुकाबला पूल ए में दक्षिण कोरिया से है। यह मुकाबला भारतीय अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण है क्योंकि हॉकी में हर मैच टीम की आगे की स्थिति को प्रभावित करता है।

हॉकी के अलावा भारतीय महिला कबड्डी टीम का मुकाबला जापान से होना है। वहीं स्क्वॉश में अनाहत सिंह और तान्वी खन्ना महिला एकल के राउंड ऑफ 16 में उतरेंगी, जबकि पुरुष वर्ग में अभय सिंह और वीर छत्री अपनी चुनौती पेश करेंगे।

एथलेटिक्स में भी शुरू हुआ भारतीय अभियान

छठे दिन एथलेटिक्स भारतीय अभियान का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। महिला ट्रिपल जंप के फाइनल में आशा इलांगो और निहारिका वशिष्ठ चुनौती पेश करेंगी। इसके अलावा सीमा महिला 10,000 मीटर फाइनल में भारत की दावेदारी रखेंगी।

एथलेटिक्स में भारत की उम्मीदें इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ट्रैक एंड फील्ड से मिलने वाले पदक किसी भी एशियन गेम्स पदक तालिका में बड़ा फर्क डाल सकते हैं। भारतीय दल इस बार कई स्पर्धाओं में मजबूत तैयारी के साथ उतरा है।

शूटिंग पर भी टिकी निगाहें

शूटिंग ने प्रतियोगिता के शुरुआती दिनों में भारत को लगातार पदक दिलाए हैं और छठे दिन भी भारतीय निशानेबाजों पर नजर रहेगी। पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल में आकाश भारद्वाज, कमलजीत और केदारलिंग बालकृष्ण उचागांवकर उतरेंगे। मिश्रित टीम स्कीट में परिनाज धालीवाल और अनंतजीत सिंह भी भारतीय चुनौती पेश करेंगे।

भारत ने शुरुआती दिनों में शूटिंग से कई पदक हासिल किए हैं। इसलिए इस खेल से आगे भी पदक आने की उम्मीद बनी हुई है। मौजूदा पदक तालिका में भारत के खाते में एक स्वर्ण, छह रजत और सात कांस्य हैं।

क्या भारत का पदक अभियान अभी और रफ्तार पकड़ सकता है?

एशियन गेम्स 2026 में भारत का अभियान अभी शुरुआती दौर में है और प्रतियोगिताएं 4 अक्टूबर तक चलेंगी। छठे दिन के दो पदकों ने भारत की पदक तालिका को जरूर मजबूत किया है, लेकिन दिन का कार्यक्रम अभी काफी लंबा है। एथलेटिक्स, शूटिंग, हॉकी, कबड्डी, स्क्वॉश और कैनो स्प्रिंट में भारतीय खिलाड़ी अपनी चुनौती जारी रखेंगे।

रोशिबिना का रजत और सतनाम-सलमान का कांस्य भारत के लिए दिन की पहली बड़ी उपलब्धियां हैं। अब निगाहें उन मुकाबलों पर हैं जहां भारतीय खिलाड़ी पदक की दौड़ में हैं। खासकर कबड्डी में चीनी ताइपे के खिलाफ मुकाबला और एथलेटिक्स के फाइनल भारतीय प्रशंसकों की नजर में रहेंगे। छठे दिन की शुरुआत ने संकेत दे दिया है कि आइची-नागोया में भारत का पदक अभियान अभी और रफ्तार पकड़ सकता है।