
महंगी होंगी BMW और MINI की कारें (इमेज सोर्स- Chatgpt)
लग्जरी कार निर्माता कंपनी BMW Group India जल्द ही अपने पोर्टफोलियो की गाड़ियों की कीमतों में एक और बढ़ोतरी करने जा रही है। अगर यह लागू होती है, तो यह साल 2026 में कंपनी की चौथी प्राइस हाइक होगी। कंपनी का कहना है कि कमोडिटी की बढ़ती लागत और रुपये की लगातार गिरावट उसके मार्जिन पर दबाव बना रही है, जिसके चलते कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया है।
जर्मन लग्जरी ऑटोमोबाइल कंपनी BMW भारत में कार और मोटरसाइकिल दोनों बेचती है। इसके साथ ही इसकी सहयोगी ब्रिटिश लग्जरी कार कंपनी MINI की कारों की बिक्री भी भारत में होती है और नई बढ़ोतरी का असर MINI की कीमतों पर भी पड़ेगा। BMW Group India ने अभी तक इस बढ़ोतरी की सटीक तारीख का ऐलान नहीं किया है, लेकिन कंपनी के प्रेसिडेंट और CEO हरदीप सिंह बरार ने खुद पुष्टि की है कि यह कदम अक्टूबर के आसपास, यानी अगले महीने से उठाया जा सकता है।
हरदीप सिंह बरार ने यह बयान नई BMW 7 सीरीज और BMW i7 के भारत लॉन्च के मौके पर दिया। नई 7 सीरीज अब पेट्रोल के साथ-साथ पूरी तरह इलेक्ट्रिक वर्जन में भी उपलब्ध होगी, जिसमें परफॉर्मेंस-केंद्रित इलेक्ट्रिक मॉडल BMW i7 M70 भी शामिल है। इस नई रेंज को बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह ने अनवील किया, जिन्हें BMW इंडिया का नया ब्रांड वॉयस बनाया गया है।
कंपनी ने यह भी बताया कि अब i7 का उत्पादन BMW के चेन्नई प्लांट में स्थानीय स्तर पर किया जाएगा, जिससे भारत जर्मनी के बाद दुनिया का दूसरा ऐसा देश बन जाएगा जहां i7 लोकली बनाई जाएगी। हालांकि हाई-परफॉर्मेंस वेरिएंट i7 M70 पूरी तरह इंपोर्टेड यूनिट (CBU) के तौर पर ही बिकता रहेगा। नई BMW 740 M Sport और i7 eDrive50 xDrive M Sport की एक्स-शोरूम कीमत 1.95 करोड़ रुपये रखी गई है, जबकि i7 M70 xDrive की कीमत 2.65 करोड़ रुपये है। बुकिंग शुरू हो चुकी है और डिलीवरी अक्टूबर 2026 से शुरू होगी।
साल 2026 में अब तक BMW और MINI मॉडल्स की कीमतों में तीन बार बदलाव हो चुका है। जनवरी में 3 प्रतिशत तक, अप्रैल में 2 प्रतिशत तक और 1 जुलाई से फिर 2 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी। हालांकि अलग-अलग मॉडल पर असल बढ़ोतरी अलग-अलग रही है, लेकिन कुल मिलाकर औसतन यह 4-5 प्रतिशत के आसपास बैठती है। हरदीप सिंह बरार ने कहा- फॉरेक्स ने हमें काफी नुकसान पहुंचाया है। हमने अब तक कीमतें 4-5 प्रतिशत बढ़ाई हैं और एक बार और बढ़ाने वाले हैं। इसलिए फॉरेक्स, कमोडिटीज वगैरह के दबाव के कारण हमारे लिए कीमतें बढ़ती रहेंगी।
बरार के मुताबिक जनवरी 2025 के बाद से रुपये की स्थिति करीब 18 प्रतिशत तक बिगड़ चुकी है। बता दें कि 11 सितंबर 2026 को रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 95.55 के स्तर पर बंद हुआ था, जो हाल के हफ्तों में करेंसी पर बने दबाव को दिखाता है। रुपये की कमजोरी के चलते इंपोर्टेड पार्ट्स और पूरी तरह इंपोर्टेड गाड़ियां कंपनी के लिए महंगी होती जा रही हैं। इसके अलावा तांबे (कॉपर) जैसी कमोडिटी की बढ़ती लागत भी दबाव की एक बड़ी वजह बताई जा रही है।
तीन बार की बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी की मांग मजबूत बनी हुई है। बरार के मुताबिक व्यापक लग्जरी कार बाजार के सुस्त या हल्का घटने के बावजूद BMW इंडिया दहाई अंकों की ग्रोथ दर्ज कर रही है, और कंपनी इस साल 20 हजार से ज्यादा गाड़ियां बेचने के लक्ष्य पर कायम है। बरार ने यह भी कहा कि लोकलाइजेशन की वजह से ही कंपनी नए डिजाइन, तकनीक और फीचर्स जोड़ने के बावजूद कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी किए बिना गाड़ियां उतार पा रही है।
BMW ही नहीं, बल्कि पूरा लग्जरी कार सेगमेंट इसी दबाव से जूझ रहा है। जर्मन प्रतिद्वंद्वी कंपनी मर्सिडीज-बेंज ने भी जनवरी 2026 से अपनी पूरी मॉडल रेंज में 2 प्रतिशत तक की कीमत बढ़ोतरी लागू की थी और हर तिमाही में इसी तरह की समीक्षा करने की योजना बताई थी। इससे साफ है कि रुपये की गिरावट और वैश्विक कमोडिटी कीमतों का दबाव पूरे लग्जरी ऑटो उद्योग की प्राइसिंग रणनीति को प्रभावित कर रहा है।
Updated on:
15 Sept 2026 09:47 pm
Published on:
15 Sept 2026 09:47 pm
