7 अगस्त 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

चीन का ‘रोबोट स्कूल’ क्यों है पूरी दुनिया के लिए चेतावनी? जानिए किन नौकरियों पर सबसे पहले असर और नए अवसर

China Robot School: चीन के रोबोट स्कूल की दुनिया भर में चर्चा है और लोग एक बार फिर परेशान हैं कि क्या तकनीकी युग में भविष्य में उनके या उनके बच्चों के लिए कोई जॉब कैसे मिलेगी, जब रोबोट ही सारे काम करेंगे, लेकिन तकनीकी जानकार एक बार फिर यही दोहरा रहे हैं, तकनीक से अपडेट रहा जाए, तो भविष्य चुनौती नहीं बल्कि कई मौके लेकर आने वाला समय होगा...
3 min read
Google source verification

भारत

image

Sanjana Kumar

Aug 07, 2026

China Robot School

China Robot School: चीन के रोबोट स्कूल को चुनौती नहीं प्रेरणा में बदलिए भविष्य टेक्नोलॉजी फ्रेंडली होने का है? (AI Creative)

China Robot School: चीन ने दुनिया का पहला ऐसा स्कूल शुरू किया है, जहां इंसानों नहीं बल्कि ह्यूमनॉइड रोबोट्स को वास्तविक नौकरियों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इन रोबोट्स को तकनीकी काम, नर्सिंग, सर्विस, खेल और कला जैसे क्षेत्रों में ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे सीधे कार्यस्थल पर काम कर सकें। चीन का यह कदम सिर्फ तकनीकी प्रयोग नहीं बल्कि, आने वाले रोजगार बाजार की दिशा बदलने वाला माना जा रहा है।

आखिर इस रोबोट स्कूल में क्या होगा?

दरअसल इस रोबोट स्कूल में अलग-अलग कंपनियों के ह्यूमनॉइड रोबोट एक साथ प्रशिक्षण लेंगे। उन्हें वस्तु उठाने, लोगों से संवाद करने, निर्णय लेने और वास्तविक परिस्थितियों में काम करना सिखाया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने पर उन्हें स्किल सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। मकसद है कि रोबोट सीधे फैक्ट्री, अस्पताल, गोदाम और सर्विस सेक्टर में काम कर सकें।

तो क्या खत्म हो जाएंगी इंसानी नौकरियां

हर दिन नई तकनीक हर किसी को हैरान कर रही है और लोगों की चिंता बढ़ा रही है कि जब सब काम रोबोट ही कर लेंगे तो वे क्या करेंगे उन्हें या उनके बच्चों का फ्यूटर जॉब संकट में है। लेकिन एक्सपर्ट्स इस चिंता को आसानी से दूर भी करते हैं। वे कहते हैं कि ऐसा पूरी तरह कर पाना फिलहाल संभव नहीं है। लेकिन वे यह जरूर कहते हैं कि यह कदम कई नौकरियां पूरी तरह बदल सकता है।

जानिए जिन नौकरियों पर सबसे पहले असर पड़ सकता है

  • वेयरहाउस स्टाफ
  • फैक्ट्री असेंबली वर्कर
  • पैकेजिंग कर्मचारी
  • रिसेप्शन और बेसिक कस्टमर सर्विस
  • सुरक्षा गार्ड के कुछ कार्य
  • होटल और रेस्टोरेंट की दोहराव वाली सेवाएं
  • सफाई और लॉजिस्टिक्स

लेकिन नई नौकरियां भी बनेंगी, क्योंकि रोबोट आने का मतलब केवल रोजगार खत्म होना नहीं है।

जानिए भविष्य में किसकी बढ़ेगी डिमांड

  • AI इंजीनियर
  • रोबोटिक्स इंजीनियर
  • रोबोट ट्रेनर
  • रोबोट रिपेयर विशेषज्ञ
  • AI सेफ्टी ऑडिटर
  • रोबोट एथिक्स विशेषज्ञ
  • ह्यूमन रोबोट इंटरेक्शन डिजाइनर (Human-Robot Interaction Designer)
  • डेटा और ऑटोमेशन एक्सपर्ट्स

क्या भारत पर भी हो सकता है इसका असर?

  • भारत की ताकत आज सस्ती और बड़ी मानव कार्यशक्ति है।
  • अगर चीन रोबोट आधारित उत्पादन तेजी से बढ़ाता है तो
  • भारत की मैन्युफैक्चरिंग लागत घट सकती है।
  • उत्पादन 24 घंटे चल सकता है।
  • वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा और बढ़ सकती है।
  • भारत को AI और रोबोटिक्स स्किलिंग में निवेश बढ़ाना पड़ सकता है।

तो क्या रोबोट डॉक्टर, टीचर और पुलिस की जगह ले लेंगे?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल निकट भविष्य में इसकी संभावना कम है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जिन कामों में भावनात्मक समझ, रचनात्मक सोच, नैतिक निर्णय, नेतृत्व की जरूरत होती है, वहां इंसानों की भूमिका बनी रहेगी। सबसे अधिक ऑटोमेशन दोहराव वाले कामों में होगा।

जानिए फायदे

  • खतरनाक काम इंसानों की जगह रोबोट करेंगे।
  • उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।
  • 24×7 काम संभव होगा।
  • दुर्घटनाएं कम हो सकती हैं।
  • बुजुर्गों की देखभाल और हेल्थकेयर में मदद मिल सकती है।

नुकसान भी कम नहीं

  • कम कौशल वाली नौकरियों पर दबाव।
  • आय असमानता बढ़ने का खतरा।
  • साइबर सुरक्षा और डेटा सुरक्षा की चुनौती।
  • मशीनों पर अत्यधिक निर्भरता।
  • बड़े पैमाने पर री-स्किलिंग की जरूरत।

2035 तक सबसे ज्यादा मांग किन स्किल्स की हो सकती है?

  • AI(Artificial Intelligence)
  • रोबोटिक्स प्रोग्रामिंग (Robotics Programming)
  • ऑटोमेशन मेंटेनेंस (Automation Maintenance)
  • मशीन लर्निंग (Machine Learning)
  • डेटा एनलिसिस (Data Analytics)
  • ह्यूमन रोबोट कोलैबोरेशन (Human-Robot Collaboration)
  • साइबर सिक्योरिटी (Cyber Security)
  • क्रिटिकल थिंकिंग (Critical Thinking)
  • क्रिएटिविटी (Creativity)
  • इमोशनल इंटेलिजेंस (Emotional Intelligence)

कहना होगा कि चीन का यह रोबोट स्कूल केवल एक तकनीकी संस्थान नहीं है, बल्कि यह एक प्रेरणा है संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में वैश्विक रोजगार बाजार तेजी से बदल सकता है। जिन देशों के पास AI, रोबोटिक्स और स्किल्ड मानव संसाधन का बेहतर मेल होगा, वही भविष्य की अर्थव्यवस्था में बढ़त हासिल करेंगे। क्योंकि यह तो तय है कि जो तनकीक से खुद को अपडेट रखेगा, उनके लिए रोजगार चुनौती नहीं बल्कि, अवसर बनकर आएंगे।