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मीराबाई चानू के हाथ में दिखा अजीब-सा ‘गुड्डा’ – बनाया था एक 5वीं क्लास की बच्ची ने, कहानी दिल छू लेगी!

CWG 2026 में खिलाड़ियों को मेडल के साथ मिलने वाला 'Finnie' आखिर क्या है? जानिए ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के आधिकारिक मैस्कॉट की पूरी कहानी, जिसे स्कॉटलैंड के स्कूली बच्चों ने डिजाइन किया। साथ ही पढ़ें 1970 से 2026 तक कॉमनवेल्थ गेम्स के सभी शुभंकरों का इतिहास।
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भारत

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Ravi Gupta

Jul 27, 2026

CWG 2026 Mascot, Finnie, Commonwealth Games 2026,

मीरा बाई चानू और अन्य | Credit- CWG

CWG 2026 Special : ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में मीरा बाई चानू ने लगातार तीसरा गोल्ड जीतकर इतिहास रचा। पर, गोल्ड मेडल के साथ-साथ उनके हाथ में एक गुड्डा जैसा भी कुछ दिख रहा है। ऐसा हर कॉमनवेल्थ गेम्स में होता है। यह आखिर क्या है, खिलाड़ियों को क्यों दिया जाता है?

आइए, 56 साल के कॉमनवेल्थ गेम्स शुभंकरों का इतिहास समझते हैं।

23 जुलाई से शुरू ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स का आधिकारिक शुभंकर (mascot) है "Finnie" एक यूनिकॉर्न (गेंडा), जो स्कॉटलैंड का राष्ट्रीय पशु है। फिनी नाम का गेंडा ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स का आधिकारिक शुभंकर है, जो स्कॉटलैंड का राष्ट्रीय पशु है।

एक नजर में इसकी खास बातें पढ़िए :

  • फिनी का सींग ग्लासगो शहर के केंद्र में स्थित ड्यूक ऑफ वेलिंगटन की मूर्ति पर रखे मशहूर ट्रैफिक कोन से प्रेरित है।
  • इसका नाम ग्लासगो के प्रसिद्ध फिन्नीस्टन क्रेन के नाम पर रखा गया है, जहाँ फिनी ने खेलों की शुरुआत से 365 दिन पहले तड़के अपनी पहली आधिकारिक उपस्थिति दर्ज कराई थी।
  • इसे ग्लासगो के स्कूली बच्चों की मदद से डिज़ाइन किया गया है, और यह 2014 के ग्लासगो खेलों के शुभंकर क्लाइड द थिसल की जगह लेता है।
  • इसके जूतों में सिल्वर फ्लैश शहर के जहाज़-निर्माण इतिहास की याद दिलाता है, तारों से जड़ी बाहें बैरोलैंड बॉलरूम को श्रद्धांजलि हैं, और बहता बैंगनी अयाल (मेन) हाइड्रो वेन्यू की रात की रोशनियों से प्रेरित है।
  • फिनी की कहानी ग्लासगो के युवाओं ने खुद लिखी — उसके सींग की उत्पत्ति से लेकर उसके तारों तक, हर चीज़ बच्चों की कल्पना से जन्मी है।

शुभंकर किसे और क्यों दिया जाता है?

कॉमनवेल्थ गेम्स के शुभंकर आधिकारिक या अनाधिकारिक ऐसे किरदार होते हैं जो हर संस्करण का प्रतिनिधित्व करने के लिए बनाए जाते हैं। आमतौर पर स्थानीय वन्यजीव, सांस्कृतिक प्रतीकों या एकता की भावना को दर्शाते हुए, ताकि दर्शकों, खासकर बच्चों को जोड़ा जा सके और खेलों की भावना को बढ़ावा मिले। यह किसी खिलाड़ी या टीम को नहीं, बल्कि मेजबान शहर/देश को "दिया" जाता है - यानी हर आयोजन समिति अपने खेलों के लिए एक नया मस्कॉट गढ़ती है, जो उस जगह की संस्कृति, इतिहास या प्रकृति को उभारता है और गेम्स के दौरान माहौल में उत्साह भरता है।

वर्षशुभंकर
1970Wee Mannie (अनाधिकारिक) / Dunky Dick – हैगिस / टेडी बियर
1974Shiwi (अनाधिकारिक) – भेड़ की खाल से बना कीवी
1978Keyano – ग्रिज़्ली भालू (पहला आधिकारिक शुभंकर)
1982Matilda – कंगारू
1986Mac – स्कॉटिश टेरियर कुत्ता
1990Goldie – कीवी पक्षी
1994Klee Wyck – ऑर्का व्हेल
1998Wira – ओरंगउटान
2002Kit – बिल्ली (साथ में Mad Ferret)
2006Karak – लाल पूंछ वाला काला कॉकाटू
2010Shera – रॉयल बंगाल टाइगर
2014Clyde – थिसल (स्कॉटलैंड का राष्ट्रीय फूल)
2018Borobi – नीले रंग का कोआला
2022Perry – बहुरंगी बैल
2026Finnie – गुलाबी-बैंगनी अयाल वाला यूनिकॉर्न
वर्षवार कॉमनवेल्थ गेम्स शुभंकर

कहानी: "फिनी और जादुई एक साल"

ग्लासगो के एक सरकारी स्कूल की कक्षा पांच में, बारह साल की एमी अपनी नोटबुक में एक अजीब-सा जीव बना रही थी - शरीर घोड़े जैसा, पर सींग की जगह एक नारंगी-सफेद ट्रैफिक कोन। उसकी टीचर मिस कैंपबेल ने पूछा, "यह क्या है, एमी?" एमी मुस्कुराई, "यह ग्लासगो का नया दोस्त है, मिस। इसका नाम फिनी है।"

यह सिर्फ एक बच्चे की कल्पना नहीं थी। पूरे शहर के स्कूलों से सैकड़ों बच्चों ने ठीक ऐसे ही चित्र भेजे थे - कोई सींग की जगह क्लाइड नदी की लहरें बनाता, कोई अयाल में हाइड्रो एरीना की रंगीन रोशनियां भरता। ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की आयोजन समिति ने तय किया था कि इस बार का शुभंकर किसी डिजाइन स्टूडियो में नहीं, बल्कि शहर के बच्चों के दिलों में जन्म लेगा।

महीनों की मेहनत के बाद, आखिरकार वह दिन आया - खेलों की शुरुआत से ठीक 365 दिन पहले, भोर की धुंधली रोशनी में। शहर के मशहूर फिन्नीस्टन क्रेन के नीचे भीड़ जमा थी। क्लाइड नदी के किनारे खड़ी वह विशाल पुरानी क्रेन, जो कभी जहाज बनाने के दौर की गवाह थी, आज एक नए किरदार की जन्मस्थली बनने वाली थी। और तभी, धीरे-धीरे परदा हटा - सामने खड़ा था फिनी।

गुलाबी-बैंगनी लहराता अयाल, चमकदार आंखें, और सिर पर वही मशहूर ट्रैफिक कोन जैसा सींग, जो शहर के हर बच्चे ने अपनी ड्यूक ऑफ वेलिंगटन की मूर्ति पर सालों से देखा था - वही मूर्ति जिस पर कोई शरारती हाथ हर बार नया कोन रख जाता, और शहर उसे प्यार से अपनाता रहता।

भीड़ में खड़ी एमी की आंखें चमक उठीं। "देखो! यह तो बिल्कुल वैसा ही है जैसा मैंने बनाया था!" उसने चिल्लाकर अपनी सहेली से कहा। पास खड़े एक बुज़ुर्ग सज्जन मुस्कुराए और बोले, "बेटा, 2014 में जब यही खेल यहां हुए थे, तब क्लाइड नाम का एक थिसल हमारा शुभंकर था। वह भी बच्चों का चहेता बन गया था, पूरे शहर में उसकी मूर्तियां लगीं। अब उसने कहा है कि वह पीछे हटकर फिनी को आगे आने देगा, पर वह हमेशा हमारे दिल में रहेगा।"

फिनी सिर्फ एक नाम नहीं था, वह ग्लासगो की पूरी कहानी थी। उसके जूतों की चमकीली धारियां शहर के पुराने जहाजी कारखानों की याद दिलातीं, उसकी बाहों पर टंके तारे बैरोलैंड डांस हॉल की रौनक बयां करते, और उसका बहता अयाल रात में जगमगाते हाइड्रो एरीना जैसा लगता। यह शहर के अतीत और वर्तमान को जोड़ने वाला एक जीवंत पुल था।

अगले साल भर, फिनी ने शहर के हर कोने का दौरा किया। कभी वह लंदन के वेस्टमिंस्टर एबे में कॉमनवेल्थ डे सेवा में पहुंचा, कभी अस्पतालों में बच्चों से मिला, कभी स्कूलों में बच्चों के साथ नाचता-गाता दिखा। जहां भी वह जाता, अपने साथ एक खास मुद्रा लाता - दोनों हाथों की उंगलियां मोड़कर दो मिलते हुए "C" आकार बनाना, जिसे वह "ऑल हार्ट" कहता। इसका मतलब था - "तुम भी इस उत्सव का हिस्सा हो।"

जब आखिरकार 23 जुलाई 2026 को उद्घाटन समारोह शुरू हुआ, तो 74 देशों के करीब तीन हजार खिलाड़ी स्टेडियम में उतरे। हर तरफ उत्साह था, पर कहीं-कहीं नसें भी तनी हुई थीं - पहली बार खेलने आए युवा खिलाड़ी घबराए हुए थे। तभी फिनी मैदान में कूद पड़ा, हल्की सी थिरकन के साथ, एक शरारती मुस्कान लिए।

उस वक्त कहा था, "अगर माहौल कहीं ठंडा पड़े, तो मैं मुस्कान लेकर आ जाऊंगा, हाथ हिलाऊंगा, शायद एक छोटा-सा डांस भी कर दूं। अगर कहीं तनाव हो, तो मैं नसों को उत्साह में बदल दूंगा।"

एमी अपने माता-पिता के साथ स्टेडियम के बाहर बड़ी स्क्रीन पर यह सब देख रही थी। जब फिनी कैमरे के करीब आया और सीधे कैमरे की तरफ देखकर वही "ऑल हार्ट" इशारा किया, एमी की आंखों में आंसू आ गए। उसने अपनी मां से कहा, "मम्मी, मैंने उसे बनाया था। अब वह सच में सबके सामने है।"

उस पल एमी को एहसास हुआ कि खेलों के ये शुभंकर - चाहे वह 1978 का भालू केयानो हो, 2010 का बाघ शेरा हो, या 2026 का यूनिकॉर्न फिनी - सिर्फ खिलौने नहीं होते। वे हर मेजबान शहर की आत्मा होते हैं, बच्चों के सपनों से गढ़े जाते हैं, और हर बार दुनिया को याद दिलाते हैं कि खेल सिर्फ जीत-हार का नाम नहीं, बल्कि एक साथ आने, हंसने और सपने देखने का उत्सव है।