
EPFO Date of Exit: क्या आप भी पीएफ निकालने जा रहे हैं, तो ध्यान दें अटक सकता है आपका क्लेम, जानें क्यों? (AI Creative)
EPFO Date of Exit: नौकरी बदलने के बाद अधिकांश कर्मचारी नई कंपनी में शामिल तो हो जाते हैं, लेकिन EPFO खाते में Date of Exit अपडेट कराना भूल जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही छोटी-सी चूक बाद में PF ट्रांसफर, ऑनलाइन निकासी और क्लेम प्रोसेस में बड़ी रुकावट बन सकती है। हाल के समय में EPFO के डिजिटल सिस्टम में बड़े बदलाव किए गए हैं, जिससे ऑनलाइन सेवाएं पहले से अधिक केंद्रीकृत और डिजिटल हुई हैं। ऐसे में कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड का सही होना पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।
Date of Exit वह तारीख होती है जिस दिन कर्मचारी ने अपने पुराने संस्थान में अंतिम बार काम किया। यह रिकॉर्ड EPFO को बताता है कि कर्मचारी अब उस कंपनी में कार्यरत नहीं है। यदि यह जानकारी दर्ज नहीं करवाई जाती तो, सिस्टम यह मान सकता है कि कर्मचारी अभी भी उसी कंपनी में कार्यरत है।
1- PF ट्रांसफर में परेशानी : नई नौकरी में PF ट्रांसफर करने के दौरान पुरानी नौकरी का रिकॉर्ड पूरा होना जरूरी होता है। लेकिन जब Date of Exit नहीं होती तो ऑनलाइन ट्रांसफर अटक सकता है।
2- PF निकासी (Withdrawal) में देरी या रिजेक्शन : ऑनलाइन क्लेम दाखिल करते समय EPFO नौकरी छोड़ने की पुष्टि करता है। यदि Date of Exit दर्ज नहीं है तो क्लेम लंबित या अस्वीकार हो सकता है।
3- सेवा रिकॉर्ड में गड़बड़ी : गलत या अधूरा रोजगार रिकॉर्ड भविष्य में पेंशन (EPS) और अन्य EPFO सेवाओं के दौरान भी परेशानी पैदा कर सकता है।
आमतौर पर यह जिम्मेदारी नियोक्ता (Employer) की होती है। हालांकि यदि नियोक्ता ने यह जानकारी अपडेट नहीं की है और आवश्यक शर्तें पूरी हो चुकी हैं, तो कई मामलों में कर्मचारी खुद भी EPFO Member Portal पर Mark Exit सुविधा के जरिए इसे अपडेट कर सकते हैं। इसके लिए आधार, UAN और OTP सत्यापन की जरूरत होती है।
बता दें कि एक बार ऑनलाइन दर्ज की गई Date of Exit को सामान्यतः दोबारा ऑनलाइन बदलना आसान नहीं होता। इसलिए तारीख भरने से पहले सभी दस्तावेजों से मिलान जरूर करें।
Date of Exit को लेकर जागरूकता अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गई है, क्योंकि हाल ही में EPFO ने अपने पूरे डिजिटल सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है। जुलाई 2026 में EPFO ने एक नया केंद्रीकृत (centralised) पोर्टल लॉन्च किया है, जिससे अब सदस्य सेवाएं किसी भी EPFO कार्यालय से प्रोसेस हो सकती हैं। जबकि पहले यह व्यवस्था क्षेत्रीय कार्यालयों तक सीमित थी और सदस्यों को अपने ही क्षेत्रीय दफ्तर पर निर्भर रहना पड़ता था।
नए पोर्टल में एक 'Member Service History' नाम का नया पेज भी जोड़ा गया है, जो रोजगार और ट्रांसफर रिकॉर्ड को पहले से बेहतर तरीके से ट्रैक करता है। यानी अगर Date of Exit अपडेट नहीं है, तो यह गड़बड़ी अब सिस्टम में और भी साफ नजर आएगी।
EPF Scheme, 2026 के तहत अब सदस्य अपने योग्य बैलेंस का 100% तक निकाल सकते हैं, लेकिन शर्त यह है कि खाते में कम से कम 25% राशि जरूर बची रहनी चाहिए। यह पुराने आंशिक निकासी नियमों से अलग है और इसमें भी सही सेवा रिकॉर्ड (जिसमें Date of Exit शामिल है) का होना जरूरी है।
EPFO ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए करीब 1.44 लाख करोड़ रुपए का ब्याज 34 करोड़ से ज्यादा PF खातों में क्रेडिट करना शुरू किया है। हालांकि, जिन खातों में Date of Exit या अन्य रिकॉर्ड अधूरे हैं, उनमें वेरिफिकेशन में देरी हो सकती है, जिससे ब्याज या क्लेम प्रोसेसिंग पर असर पड़ सकता है।
Updated on:
06 Aug 2026 04:12 pm
Published on:
06 Aug 2026 04:12 pm
