
फर्नीचर और टीवी रखने की सही दिशा क्या है? (फोटोः एआई)
सुबह की पहली किरण जब कमरे में फैलती है, तो फर्नीचर की सही दिशा सजावट के साथ घर में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का आधार बन जाती है। वास्तु शास्त्र में फर्नीचर की दिशा और स्थिति को लेकर कई परंपरागत सुझाव हैं, जो घर की खुशहाली और मानसिक संतुलन को बढ़ाने में मदद करते हैं।
सही दिशा में फर्नीचर रखने से ऊर्जा का प्रवाह संतुलित रहता है, जिससे घर में स्थिरता, समृद्धि और संबंधों में सामंजस्य बना रहता है। आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार घर में फर्नीचर, विशेषकर सोफा और टीवी, किस दिशा में रखना शुभ माना जाता है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
वास्तु शास्त्र में भारी फर्नीचर जैसे सोफा, अलमारी, बेड आदि को दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) या पश्चिम दिशा में रखना शुभ माना जाता है। यह दिशा स्थिरता और संतुलन का प्रतीक है, जिससे घर में स्थिरता बनी रहती है। वहीं, हल्के फर्नीचर को उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना अच्छा माना जाता है, क्योंकि ये दिशाएं प्रकाश, सकारात्मक ऊर्जा और खुलापन लाती हैं।
लिविंग रूम या ड्रॉइंग रूम को घर का सामाजिक केंद्र माना जाता है। वास्तु के अनुसार, इस कमरे को उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना सबसे शुभ माना जाता है। यह सुबह की रोशनी और सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करता है। सोफा को दक्षिण या पश्चिम दीवार से सटाकर रखना चाहिए, ताकि बैठने वाला व्यक्ति उत्तर या पूर्व की ओर मुख करके बैठ सके। इससे घर में स्थिरता और सामंजस्य बना रहता है। टीवी को आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) कोने में रखना शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिशा अग्नि तत्व से जुड़ी है और टीवी एक विद्युत उपकरण है। दक्षिण दिशा भी दूसरा विकल्प हो सकता है। इसके अलावा, टीवी को बंद होने पर दर्पण जैसा प्रतिबिंब न देने वाली बंद कैबिनेट में रखना बेहतर माना जाता है।
फर्नीचर खरीदते समय हल्के और शांत रंगों जैसे सफेद, क्रीम, हल्का पीला या हल्का भूरा रंगों का चयन करना चाहिए। गहरे रंग जैसे काला या लाल अक्सर आक्रामक ऊर्जा बढ़ा सकते हैं, इसलिए उनसे बचना चाहिए। फर्नीचर के कोनों को गोल या चौकोर रखना बेहतर माना जाता है, नुकीले कोनों से बचना चाहिए क्योंकि वे ऊर्जा प्रवाह में बाधा डाल सकते हैं। नया फर्नीचर खरीदना शुभ माना जाता है; पुराना या दूसरे घर का इस्तेमाल किया फर्नीचर वास्तु दोष बढ़ा सकता है।
कई बार फ्लैट या किराये के घरों में दिशा बदलना संभव नहीं होता। ऐसे में वास्तु में छोटे-छोटे उपाय सुझाए गए हैं, जैसे दर्पण, क्रिस्टल या वास्तु पिरामिड का उपयोग करना, जो ऊर्जा के संतुलन में मदद करते हैं। इन उपायों से घर में सकारात्मकता और शांति बनी रहती है।
| फर्नीचर / स्थिति | शुभ दिशा / स्थिति |
|---|---|
| भारी फर्नीचर (सोफा, अलमारी) | दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा में रखें |
| हल्का फर्नीचर | उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में रखें |
| लिविंग रूम दिशा | उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा सबसे शुभ |
| सोफा की स्थिति | दक्षिण/पश्चिम दीवार से सटाकर; बैठकर उत्तर/पूर्व देखें |
| टीवी की स्थिति | दक्षिण-पूर्व कोना; बंद कैबिनेट में रखें |
| रंग और आकार | हल्के रंग, गोल या चौकोर आकार; नया फर्नीचर बेहतर |
| दिशा बदलना संभव न हो | दर्पण, क्रिस्टल, वास्तु पिरामिड जैसे उपाय अपनाएं |
जब फर्नीचर को वास्तु के अनुसार सही दिशा और स्थिति में रखा जाता है, तो घर में शांति, स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। सोफा को दक्षिण या पश्चिम दीवार से सटाकर रखना, टीवी को आग्नेय कोने में रखना और हल्के रंगों व गोल आकारों का चयन करना सरल लेकिन प्रभावी उपाय हैं। यदि दिशा बदलना संभव न हो, तो वास्तु उपायों से संतुलन बनाए रखा जा सकता है। अगले महीने जब आप घर में बदलाव या सजावट का विचार करें, तो इन वास्तु सुझावों को ध्यान में रखें, शांति और सकारात्मकता आपके घर में बनी रहेगी।
Updated on:
12 Aug 2026 04:54 pm
Published on:
12 Aug 2026 04:54 pm
