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52 करोड़ भारतीय को नसीब नहीं पौष्टिक भोजन : कम खर्च में ऐसे पूरा करें एक दिन की हेल्दी डाइट

शाकाहारी, मांसाहारी और कम आय वाले लोगों के हिसाब से यहां पर हेल्दी थाली का विकल्प सुझाया गया है। आप हेल्दी डाइट के लिए देख सकते हैं।
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भारत

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Ravi Gupta

Jul 24, 2026

Healthy Diet Crisis In India, Healthy Thali cost,

प्रतीकात्मक तस्वीर | Credit- ChatGPT

Healthy Diet Crisis In India : देश में भूख और कुपोषण के आंकड़ों में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन एक बड़ी चुनौती अब भी बरकरार है - पौष्टिक भोजन की बढ़ती कीमत। हालिया वैश्विक आकलनों के अनुसार भारत में करीब 52 करोड़ लोग ऐसे हैं, जो नियमित रूप से स्वस्थ और संतुलित भोजन खरीदने में सक्षम नहीं हैं। यानी करोड़ों लोगों की थाली में पेट भरने लायक भोजन तो पहुंच जाता है, लेकिन शरीर के लिए जरूरी पोषण नहीं।

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल चावल या रोटी खाने से शरीर स्वस्थ नहीं रह सकता। एक संतुलित आहार में अनाज के साथ दाल, दूध, फल, हरी सब्जियां, प्रोटीन और स्वस्थ वसा का होना भी जरूरी है। यही कारण है कि खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें सीधे लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रही हैं।

ICMR और WHO क्या कहते हैं?

ICMR-National Institute of Nutrition (NIN) की Dietary Guidelines for Indians 2024 के अनुसार, "स्वस्थ जीवन के लिए भोजन में सभी प्रमुख फूड ग्रुप शामिल होने चाहिए। केवल कैलोरी नहीं, बल्कि पर्याप्त प्रोटीन, विटामिन, मिनरल और फाइबर भी जरूरी हैं।"

वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि, "स्वस्थ आहार कुपोषण और गैर-संचारी रोगों (NCDs) से बचाव की बुनियाद है।"

आहार विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई के कारण लोग सबसे पहले फल, दूध, दाल, अंडे और अन्य प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ कम कर देते हैं, जबकि यही चीजें शरीर को सबसे ज्यादा पोषण देती हैं।

एक स्वस्थ व्यक्ति की थाली में क्या-क्या होना चाहिए?

एक सामान्य वयस्क व्यक्ति के दैनिक भोजन में निम्नलिखित चीजें शामिल होनी चाहिए।

भोजनक्या शामिल करें
सुबहदूध, पोहा/ओट्स, एक फल
दोपहररोटी, दाल, सब्जी, सलाद, दही
शामभुना चना, स्प्राउट्स या मूंगफली
रातरोटी, दाल/पनीर/सोया, सब्जी

शाकाहारी व्यक्ति की एक दिन की हेल्दी डाइट और खर्च

डाइटअनुमानित खर्च
दूध, दाल, फल, सब्जियां,
अनाज, दही, पनीर/सोया
₹160–230 प्रतिदिन

इस डाइट में शरीर को पर्याप्त प्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर और विटामिन मिलते हैं।


मांसाहारी व्यक्ति की एक दिन की हेल्दी डाइट और खर्च

डाइटअनुमानित खर्च
दूध, अंडे, चिकन/मछली,
सब्जियां, फल, अनाज
₹180–280 प्रतिदिन

इसमें उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन अपेक्षाकृत आसानी से मिल जाता है, लेकिन खर्च भी कुछ अधिक होता है।

कम आय वाले लोगों के लिए कम खर्च में पौष्टिक डाइट

हर व्यक्ति महंगी डाइट नहीं खरीद सकता। ऐसे में पोषण विशेषज्ञ कुछ स्थानीय और सस्ते विकल्प अपनाने की सलाह देते हैं।

कम बजट में शाकाहारी डाइट

डाइटअनुमानित खर्च
रोटी, दाल, मौसमी सब्जी,
दूध, केला, भुना चना, सोया बड़ी
₹90–115 प्रतिदिन

कम बजट में मांसाहारी डाइट

डाइटअनुमानित खर्च
अंडे, रोटी, दाल, सब्जी, केला, भुना चना₹100–130 प्रतिदिन

कम खर्च में सबसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ

पोषण विशेषज्ञों के अनुसार महंगे सुपरफूड खरीदना जरूरी नहीं है। कई स्थानीय खाद्य पदार्थ कम कीमत में भरपूर पोषण देते हैं।

खाद्य पदार्थअनुमानित कीमत
भुना चना (100 ग्राम)₹10–15
मूंगफली (50 ग्राम)₹8–12
सोया बड़ी (50 ग्राम)₹8–12
अंडा (1)₹7–10
केला₹5–8
दाल (60–70 ग्राम)₹15–20
दूध (200 ml)₹15–18
मौसमी सब्जियां₹15–25 प्रतिदिन

आखिर पौष्टिक भोजन इतना महंगा क्यों हो रहा है?

खाद्य अर्थशास्त्रियों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में फल, सब्जियां, दूध, दाल और प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। दूसरी ओर चावल और गेहूं जैसी सब्सिडी वाली चीजें अपेक्षाकृत सस्ती हैं। नतीजा यह है कि कई परिवार पेट तो भर लेते हैं, लेकिन उनकी थाली में पोषण की कमी रह जाती है।

ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों में यह समस्या ज्यादा गंभीर है, क्योंकि आय का बड़ा हिस्सा किराया, शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च हो जाता है। बची हुई राशि में पौष्टिक भोजन खरीदना आसान नहीं होता।

पोषण की कमी से क्या हो सकते हैं नुकसान?

अगर लंबे समय तक संतुलित भोजन न मिले तो शरीर में कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं -

  • रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना
  • बच्चों में शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होना
  • एनीमिया
  • हड्डियों का कमजोर होना
  • डायबिटीज और हृदय रोग का खतरा बढ़ना
  • थकान और कार्यक्षमता में कमी

विशेषज्ञ क्या सलाह देते हैं?

पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि सीमित बजट में भी कुछ आसान उपाय अपनाकर बेहतर पोषण पाया जा सकता है।

  • महंगे फलों की बजाय मौसमी फल चुनें।
  • रोजाना दाल या सोया बड़ी जरूर खाएं।
  • सप्ताह में कई बार अंकुरित मूंग या भुना चना शामिल करें।
  • यदि मांसाहारी हैं तो अंडा सबसे किफायती प्रोटीन स्रोत है।
  • मोटे अनाज (बाजरा, ज्वार, रागी) को भोजन का हिस्सा बनाएं।
  • घर का बना ताजा भोजन पैकेज्ड फूड की तुलना में अधिक पौष्टिक और किफायती होता है।

52 करोड़ भारतीयों का पौष्टिक भोजन से वंचित होना सार्वजनिक स्वास्थ्य की बड़ी चुनौती है। जब तक हर व्यक्ति की थाली में अनाज के साथ पर्याप्त दाल, दूध, फल, सब्जियां और प्रोटीन नहीं पहुंचेगा, तब तक कुपोषण और उससे जुड़ी बीमारियों पर पूरी तरह काबू पाना मुश्किल रहेगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए दैनिक आहार और अनुमानित खर्च ICMR (Indian Council of Medical Research), WHO की पोषण संबंधी सिफारिशों, पोषण विशेषज्ञों की सलाह और भारत के औसत खुदरा बाजार भाव के आधार पर तैयार किए गए हैं। वास्तविक खर्च शहर के स्थानीय बाजार, मौसम, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और व्यक्ति की खान-पान की पसंद के अनुसार कम या अधिक हो सकता है। इसके अलावा, किसी व्यक्ति की उम्र, लिंग, शारीरिक गतिविधि, स्वास्थ्य स्थिति और आय के आधार पर उसकी पोषण संबंधी जरूरतें और आहार पर होने वाला खर्च भी अलग-अलग हो सकता है। इसलिए यहां दिए गए खर्च को एक अनुमान (Indicative Cost) के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि सभी लोगों पर समान रूप से लागू होने वाले निश्चित खर्च के रूप में।