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तनाव, बेचैनी या नींद की परेशानी? जानें आपके लिए कौन-सी हर्बल चाय बेहतर हो सकती है

दिनभर का तनाव और बेचैनी आपकी नींद और मूड को प्रभावित कर रही है? कैमोमाइल से लेकर लैमन बाम और लैवेंडर तक, जानें किस हर्बल चाय के क्या संभावित फायदे हैं, इसे कैसे लें और किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
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भारत

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Ravi Gupta

Aug 10, 2026

herbal tea

प्रतीकात्मक तस्वीर | Credit- ChatGPT

तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए एक कप हर्बल चाय सुकून का अहसास ला सकती है। हर्बल चाय तनाव को कैसे कम कर सकती है, कौन-कौन सी चाय सबसे प्रभावी हैं, इन्हें कैसे इस्तेमाल करें, और किन बातों का ध्यान रखें - ये सारी जानकारी शोध और विशेषज्ञों के आधार पर नीचे पढ़िए।

चाय से दूर करें तनाव

चाय में मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिक, जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स, शरीर में तनाव से लड़ने में मदद करते हैं। शोध से पता चलता है कि चाय में पाए जाने वाले पौधे-आधारित यौगिक कोशिकाओं को रोजमर्रा के तनाव से बचाने और सूजन कम करने में सहायक हो सकते हैं। हालांकि, हर्बल चाय के फायदे उस सामग्री पर निर्भर करते हैं जो उसमें मिलाई गई हो - जैसे कैमोमाइल या लैवेंडर तनाव और नींद में मदद कर सकते हैं।

तनाव और चिंता में कमी के लिए हर्बल चाय

Journal of Nutrition, 2016 के मुताबिक, कैमोमाइल, लैवेंडर और लैमन बाम जैसी हर्बल चाय में प्राकृतिक रूप से शांत करने वाले गुण होते हैं। इसके अलावा, ग्रीन टी में पाया जाने वाला L‑थियानिन नामक अमीनो एसिड मूड सुधारने और तनाव कम करने में सहायक पाया गया है; 200‑400 मिलीग्राम प्रतिदिन की खुराक से तनाव और चिंता में कमी देखी गई है।

हर्बल चाय के मिश्रण: वैज्ञानिक दृष्टिकोण

भारत में हाल के शोधों में polyherbal (बहु‑जड़ी‑बूटी) चाय के फॉर्मूले तैयार किए गए हैं, जिनमें कई जड़ी‑बूटियां मिलाकर तनाव कम करने की क्षमता देखी गई है। उदाहरण के लिए, महाराष्ट्र के एक कॉलेज के शोध में कैमोमाइल, अश्वगंधा, पेपरमिंट, लिकोरिस रूट, एकेशिया गम और स्टार्च को मिलाकर एक मिश्रण तैयार किया गया, जिसमें एंटीऑक्सिडेंट, एंटी‑इंफ्लेमेटरी और एडैप्टोजेनिक गुण देखे गए हैं।

इसी तरह, आंध्र प्रदेश के श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय में 2022‑23 में किए गए अध्ययन में भी तनाव‑राहत देने वाली हर्बल चाय का फॉर्मूलेशन तैयार किया गया था।

ये शोध बताते हैं कि पारंपरिक रूप से उपयोग की जाने वाली जड़ी‑बूटियां वैज्ञानिक रूप से भी तनाव कम करने में मददगार हो सकती हैं, बशर्ते सही मात्रा और संयोजन में इस्तेमाल हों।

कैसे बनाएं अपनी हर्बल चाय

उद्देश्यहर्बल चायगुण
आराम और नींदकैमोमाइल, लैमन बामशांत करने वाले गुण
तनाव और मूड सुधारलैवेंडर, अश्वगंधाएडैप्टोजेनिक और एंटी‑इंफ्लेमेटरी गुण
ताजगी और पाचनपेपरमिंटपाचन में मदद, ताजगी

सबसे पहले, यह जानना जरूरी है कि आपकी जरूरत क्या है - आराम चाहिए, नींद चाहिए, या तनाव कम करना है। इसके बाद आप इनमें से किसी एक या दो जड़ी‑बूटियां चुन सकते हैं:

  • कैमोमाइल — शांत करने और नींद में मदद के लिए जाना जाता है।
  • लैवेंडर — तनाव और बेचैनी को कम करने में सहायक हो सकता है।
  • लैमन बाम (Melissa officinalis) — हल्के नींबू जैसे स्वाद के साथ मन को शांत करता है; कुछ अध्ययन इसे चिंता कम करने और मूड सुधारने में उपयोगी बताते हैं (Phytotherapy Research, 2014).
  • अश्वगंधा — पारंपरिक रूप से तनाव और थकान दूर करने के लिए इस्तेमाल होती रही है, और आधुनिक शोध में भी इसे एडैप्टोजेनिक गुणों के लिए माना जाता है (Journal of Ethnopharmacology, 2015).
  • पेपरमिंट — पाचन सुधारने के साथ-साथ ताजगी और हल्का तनाव कम करने में मदद कर सकता है।

हर्बल चाय बनाने का तरीका सरल है

एक कप गर्म पानी में 1–2 चम्मच सूखी जड़ी‑बूटी डालकर 5–10 मिनट तक ढककर रखें, फिर छानकर धीरे-धीरे पिएं। नींद से पहले कैमोमाइल या लैमन बाम का उपयोग विशेष रूप से लाभदायक हो सकता है।

ध्यान रखें ये बातें

  • हर्बल चाय प्राकृतिक जरूर होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह हर किसी के लिए सुरक्षित है। कुछ जड़ी‑बूटियां गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं होतीं, या कुछ दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकती हैं।
  • यदि आप किसी दवा पर हैं या कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो चाय शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
  • हर्बल चाय तनाव का इलाज नहीं है, लेकिन यह एक सहायक उपाय हो सकता है — यदि तनाव बहुत ज्यादा हो, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें।
  • चाय के साथ गहरी सांस, आरामदायक माहौल और नियमित दिनचर्या जैसे उपाय मिलकर असर बढ़ाते हैं।

हर्बल चाय तनाव दूर करने का एक सरल और सुखद तरीका हो सकता है - लेकिन इसे एक संपूर्ण जीवनशैली के हिस्से के रूप में देखें, न कि अकेले समाधान के रूप में। अगर आप इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहते हैं, तो शुरुआत में छोटी मात्रा से करें, प्रतिक्रिया देखें, और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।