
अच्छी नींद के लिए पारंपरिक तरीके (फोटो सोर्स- AI)
Sleeping Tips: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अच्छी और गहरी नींद बेहद जरूरी है। देर रात तक मोबाइल स्क्रीन देखना, काम का तनाव, अनियमित दिनचर्या और मानसिक चिंता जैसे कारणों की वजह से लोगों को नींद नहीं आने की समस्या हो रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 30-40% वयस्क अनिद्रा (Insomnia) की समस्या से जूझ रहे हैं।
भारत में भी अनिद्रा की समस्या तेजी से बढ़ रही है। देश में खासकर युवा वर्ग नींद नहीं आने की समस्या से जूझ रहा है। अनिद्रा की समस्या स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकती है। दवाओं के बिना भी कुछ सरल उपाय, जैसे- एक्यूप्रेशर, सांस लेने की तकनीक और योगासन नींद की समस्या में राहत दे सकते हैं। हालांकि, लंबे समय तक नींद नहीं आने की समस्या होती है तो डॉक्टर से सलाह जरूरी है।
आधुनिक जीवनशैली अनिद्रा का प्रमुख कारण बन गई है। तनाव, चिंता, अवसाद, शोर, अत्यधिक गर्म या ठंडा कमरा, असुविधाजनक बिस्तर, कैफीन, अल्कोहल, निकोटीन, जेट लैग और शिफ्ट ड्यूटी जैसी चीजें नींद का चक्र बिगाड़ रही हैं। नींद की कमी से सिर्फ थकान नहीं, बल्कि उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, मोटापा, कमजोर इम्यूनिटी और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ती हैं। वयस्कों को रोजाना 7-9 घंटे, बच्चों को 9-13 घंटे और शिशुओं को 12-17 घंटे नींद जरूरी होती है। अगर हफ्तों तक नींद न आए, बार-बार टूटे या दिन में अत्यधिक सुस्ती हो तो चिकित्सकीय सलाह लें।
छोटी उंगली के पास दबाव : तनाव कम करने के लिए यह काफी आसान तरीका है। पारंपरिक चीनी चिकित्सा (एक्यूप्रेशर) के अनुसार, हथेली में छोटी उंगली के नीचे का हिस्सा मन को शांत करने वाले बिंदुओं से जुड़ा है। इस जगह पर 2-3 मिनट हल्का दबाव दें या गोलाकार मसाज करें।
कई लोग इससे तनाव कम होने और नींद आने में मदद महसूस करते हैं। वेबसाइट्स जैसे Healthline और Mayo Clinic के अनुसार, हाथों के इन पॉइंट्स पर प्रेशर थेरेपी पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय कर रिलैक्सेशन बढ़ाती है। हालांकि, वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं और हर व्यक्ति पर असर अलग हो सकता है।
कलाई का 'शेन मेन' पॉइंट : मानसिक शांति का राज कलाई के अंदरूनी हिस्से पर, हथेली की क्रीज से लगभग तीन अंगुल नीचे 'शेन मेन' (HT7) पॉइंट स्थित है। अंगूठे से हल्का दबाव देते हुए 3-5 मिनट मसाज करें। एक्यूप्रेशर विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बिंदु चिंता, अनिद्रा और हृदय की धड़कन को शांत करने में प्रभावी माना जाता है। मेडिकल रिपोर्ट्स में इसी तरह के पॉइंट्स को पूरक चिकित्सा (Complementary Therapy) के रूप में उल्लेख मिलता है।
तलवे में मालिश : पैरों के तलवे (खासकर बीच वाले हिस्से) की हल्की मालिश दिनभर की थकान उतारने और नींद सुधारने में मदद कर सकती है।
ब्रीथिंग एक्सरसाइज : बिस्तर पर लेटकर नींद न आए तो 4-7-8 या बॉक्स ब्रीथिंग एक्सरसाइज (Box Breathing Exercise) आजमाएं। पहले 4 सेकंड सांस लें, 4 सेकंड रोकें, फिर 6-8 सेकंड में धीरे छोड़ें। इसे 5-10 बार दोहराएं। डीप ब्रीथिंग कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) कम करती है और मेलाटोनिन बढ़ाने में मदद करती है। यह एक्सरसाइज करने से मन शांत होगा और गहरी नींद आएगी।
मोबाइल/टीवी बंद करें : सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल, टीवी बंद करें। ब्लू लाइट नींद का हार्मोन मेलाटोनिन दबाती है। इसलिए नींद की समस्या हो सकती है।
योग और रिलैक्सेशन : सोने से पहले 5-10 मिनट लेटकर शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ें। सांस पर ध्यान केंद्रित करें।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम : नाक से बारी-बारी सांस लेने-छोड़ने से दोनों मस्तिष्क गोलार्द्ध (Hemispheres) संतुलित होते हैं। यह व्यायाम नींद में मदद करता है।
प्रोग्रेसिव मसल रिलैक्सेशन: पैरों की उंगलियों से शुरू कर सिर तक मांसपेशियों को क्रमशः तानकर छोड़ें। मेडिकल रिसर्च के अध्ययनों में पाया गया कि नियमित योग नींद की गुणवत्ता सुधारता है, खासकर 40 से अधिक उम्र वालों को इससे काफी मदद मिलती है।
समय पर सोना और संतुलित आहार: अच्छी नींद के लिए एक पैटर्न तय करें। रोजना तय समय पर सोएं और उठें। संतुलित आहार लें, रात का भोजन हल्का रखें। शाम के समय कैफीन युक्त पदार्थों का सेवन न करें। कमरे को अंधेरा, शांत और ठंडा (18-22°C) रखें। इसके अलावा शांत संगीत या प्रकृति की कल्पना (Guided Imagery) भी फायदेमंद है।
अगर घरेलू उपायों से 2-3 हफ्ते में सुधार न हो, दिनभर थकान, सिरदर्द, चिड़चिड़ापन या एकाग्रता की कमी हो तो डॉक्टर से संपर्क करें। अनिद्रा कभी-कभी थायरॉइड, स्लीप एप्निया, डिप्रेशन या अन्य बीमारियों का संकेत हो सकती है। पर्याप्त नींद स्वास्थ्य की नींव है। एक्यूप्रेशर, प्राणायाम और योग जैसी प्राकृतिक विधियां बिना साइड इफेक्ट्स के राहत दे सकती हैं। अगर समस्या गंभीर है तो स्वयं इलाज न करें। अच्छी नींद न सिर्फ शरीर, बल्कि मस्तिष्क और भावनाओं को भी स्वस्थ रखती है।
Updated on:
25 Jul 2026 10:49 pm
Published on:
25 Jul 2026 10:07 pm
