8 अगस्त 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

टैक्स बचत के साथ करें भविष्य की तैयारी; जानें पेंशन स्कीम में निवेश और इसके फायदे

क्या आप जानते हैं कि सही पेंशन स्कीम चुनकर आप न सिर्फ अपनी भविष्य की सुरक्षा कर सकते हैं, बल्कि टैक्स में भी बचा सकते हैं। जानें, कौन-सी स्कीम आपको बड़ा फायदा पहुंचा सकती हैं।
3 min read
Google source verification

भारत

image

Vinay Shakya

Aug 08, 2026

investing in pension scheme and get benefits

सांकेतिक इमेज (सोर्स-Chatgpt)

आज के समय में नौकरीपेशा युवा, छोटे व्यापारी और रिटायरमेंट प्लानर के लिए पेंशन स्कीम में निवेश केवल भविष्य की तैयारी नहीं, बल्कि टैक्स बचत का भी एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। लेकिन सवाल यह है कि कौन-सी स्कीम आपके लिए सबसे उपयुक्त है, जो आपके जोखिम, टैक्स बचत और लिक्विडिटी की आवश्यकताओं को संतुलित करे?

NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम)

NPS एक सरकारी पेंशन स्कीम है, जिसे PFRDA (पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण) नियंत्रित करता है। इसमें निवेश आपके द्वारा चुने गए पेंशन फंड और एसेट आवंटन (इक्विटी, कॉर्पोरेट बॉन्ड, सरकारी सिक्यूरिटीज) के आधार पर होता है। आप हर वर्ष 4 बार अपनी निवेश रणनीति बदल सकते हैं। यह स्कीम कम लागत (लगभग 0.30% वार्षिक शुल्क) और पोर्टेबिलिटी (स्थान या नौकरी बदलने पर भी खाता चालू रहता है) जैसी सुविधाएं देती है।

टैक्स की दृष्टि से, NPS के टियर

इसके तहत खाते में योगदान पर धारा 80C CD(1) के तहत 10% बेसिक + DA तक की छूट मिलती है। इसके साथ ही धारा 80C CD(1B) के तहत अतिरिक्त ₹50,000 की कटौती का लाभ भी मिलता है। निकासी के समय 60% राशि टैक्स-फ्री होती है, जबकि शेष 40% राशि से पेंशन (एन्युइटी) खरीदनी होती है, जिस पर टैक्स लागू हो सकता है।

PPF (Public Provident Fund)

PPF एक सरकारी बचत योजना है, जिसमें निवेश और ब्याज दोनों पर टैक्स नहीं लगता है। इसका EEE (Exempt-Exempt-Exempt) टैक्स स्टेटस है। वर्तमान में इसकी ब्याज दर लगभग 7.1% वार्षिक है, जो प्रत्येक तिमाही समीक्षा के बाद अपडेट होती है। इसमें 15 वर्ष का लॉक-इन पीरियड होता है, लेकिन सातवें वर्ष के बाद आंशिक निकासी की सुविधा मिलती है। निवेश पर धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की कटौती मिलती है।

NPS और PPF की तुलना


जब आप NPS और PPF को एक साथ देखते हैं, तो यह स्पष्ट होता है कि दोनों की अपनी-अपनी भूमिका हैं। NPS में बाजार से जुड़ी वृद्धि की संभावना है, जबकि PPF पूरी तरह सुरक्षित और टैक्स-फ्री है। विशेषकर नए टैक्स रेजीम में, NPS की अतिरिक्त ₹50,000 की कटौती इसे और भी आकर्षक बनाती है।

कैसे करें सही चुनाव?

  • यदि आप जोखिम उठा सकते हैं और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न चाहते हैं, तो NPS आपके लिए बेहतर हो सकता है।
  • यदि आप पूरी तरह सुरक्षित विकल्प चाहते हैं और टैक्स-फ्री रिटर्न चाहते हैं, तो PPF आपके लिए उपयुक्त है।
  • कई विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि EPF, PPF और NPS का मिश्रण बनाकर रखें—EPF से स्थिरता, PPF से सुरक्षा और NPS से वृद्धि तथा अतिरिक्त टैक्स बचत मिलती है।

समझें विभिन्न योजनाएं, लाभ और जोखिम

स्कीमटैक्स लाभरिटर्न/जोखिमलॉक-इन / लिक्विडिटी
NPS80CCD(1) + 80CCD(1B) कटौतीबाजार-लिंक्ड, उच्च वृद्धि60% निकासी टैक्स-फ्री, शेष एन्युइटी में
PPF80C के तहत ₹1.5 लाख कटौतीस्थिर, सुरक्षित (~7.1%)15 वर्ष लॉक-इन, आंशिक निकासी संभव
मिश्रणटैक्स बचत + सुरक्षा + वृद्धिसंतुलित पोर्टफोलियोलिक्विडिटी और टैक्स में संतुलन

जोखिम और सावधानियां

NPS में बाजार जोखिम होता है। यदि शेयर बाजार गिरता है, तो रिटर्न प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, PPF में ब्याज दर समय-समय पर बदल सकती है, जिससे भविष्य में रिटर्न स्थिर नहीं रह सकता। इसके अतिरिक्त, NPS में निकासी पर एन्युइटी खरीदना अनिवार्य है और उस पर मिलने वाली पेंशन पर टैक्स लागू हो सकता है।

आवश्यक सुझाव

  • सबसे पहले अपनी टैक्स स्थिति और वित्तीय लक्ष्य स्पष्ट करें।
  • यदि आप नए टैक्स रेजीम में हैं, तो NPS की अतिरिक्त ₹50,000 कटौती का लाभ आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
  • अपने निवेश को विभाजित करें। PPF में एक हिस्सा, NPS में एक हिस्सा और यदि संभव हो तो EPF या अन्य सुरक्षित विकल्पों में भी निवेश करें। समय-समय पर समीक्षा करें और आवश्यकता अनुसार एसेट आवंटन बदलें।

(डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है, व्यक्तिगत निवेश निर्णय से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।)