
Jaipur Street Food: जयपुर के मशहूर खाने का चखें स्वाद (Image: AI)
Jaipur Street Food: चांदपोल से काठकूड़ी तक पुराने बाजारों का स्वाद एक ऐसी यात्रा है, जो जयपुर की पुरानी गलियों में बसी पाक-परंपरा और बाजारों की जीवंतता का एक साथ अनुभव कराती है। आइए, इस स्वाद-यात्रा को समझते हैं और जानते हैं कि इन गलियों में क्या विशेष है, यह अनुभव क्यों खास है और आप इसे कैसे जी सकते हैं।
चांदपोल बाजार, छोटी चौपड़ और चांदपोल गेट के बीच स्थित जयपुर का एक ऐतिहासिक बाजार है। यहां मसाले, दाल और किराने की दुकानों की भरमार है। यहां की दुकानों में ताजा मसाले पीसे जाते हैं, जिनकी खुशबू ही आपको आकर्षित कर लेती है। इसी बाजार में महावीर रबड़ी भंडार की कहानी भी जुड़ी है, जिसकी शुरुआत लगभग सौ वर्ष पहले कपूरचंद जैन (जिन्हें कपूरचंद पहलवान भी कहा जाता है) ने की थी। उन्होंने दूध के साथ प्रयोग करते हुए रबड़ी बनाई और आज यह जयपुर की पहचान बन चुकी है। चांदपोल की गलियां गुलाबी रंग की दुकानों से सजी हैं, जहां मसालों की महक, दालों की रंगत और हस्तशिल्प की सुंदरता एक साथ मिलती है। यह अनुभव आंखों और स्वाद दोनों के लिए सुखद एहसास है।
जयपुर के पुराने खाने के ठिकानों में लस्सी, प्याज कचौरी और राजस्थानी थाली का अपना अलग ही आनंद है।
पुराने शहर की गलियों में राजस्थानी थाली और मिठाइयों का अपना अलग ही आकर्षण है।
जहां चांदपोल मसालों और मिठास का केंद्र है, वहीं काठकूड़ी (Kathkudi) शब्द का संबंध संभवतः 'कथा' (catechu) से है, जो दक्षिण राजस्थान से आया था। काठकूड़ी बाजार स्थानीय खाद्य-संस्कृति और व्यापार से जुड़ा हुआ नाम है।
इस यात्रा में मसालों की खुशबू, रबड़ी की मिठास, लस्सी की ठंडक और थाली की विविधता, सब कुछ एक साथ मिलता है। यह भोजन एक सांस्कृतिक अनुभव है, जो पुराने बाजारों की आत्मा को सामने लाता है।
Updated on:
02 Aug 2026 03:59 pm
Published on:
02 Aug 2026 03:59 pm
