
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)
हिंदी सिनेमा में कुछ जोड़ियां ऐसी हैं, जिनकी पहचान वक्त के साथ और मजबूत होती गई। अभिनेता राजेश खन्ना और सिंगर किशोर कुमार की जोड़ी भी ऐसी ही थी। किशोर दा की आवाज में गाए गाने राजेश खन्ना की पहचान का अहम हिस्सा बन गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, किशोर कुमार ने राजेश खन्ना के लिए 245 गाने गाए थे।
राजेश खन्ना के करियर में साल 1969 की फिल्म 'आराधना' बेहद अहम साबित हुई। इस फिल्म में किशोर कुमार ने उनके लिए 'मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू' और 'रूप तेरा मस्ताना' जैसे गाने गाए। शर्मिला टैगोर के साथ राजेश खन्ना पर फिल्माए गए इन गानों ने दर्शकों के बीच उनकी रोमांटिक छवि बना दी। 'रूप तेरा मस्ताना' के लिए किशोर कुमार को बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। इसी फिल्म के गानों ने किशोर कुमार और राजेश खन्ना की जोड़ी को एक नई पहचान दी।
राजेश खन्ना और किशोर कुमार की जोड़ी ने एक के बाद एक यादगार गाने दिए। 1971 की फिल्म 'कटी पतंग' का 'ये शाम मस्तानी' और 'ये जो मोहब्बत है' भी लोगों को खूब पसंद आया। 'अमर प्रेम' में 'चिंगारी कोई भड़के' और 'कुछ तो लोग कहेंगे' जैसे गानों को अपनी आवाज दी। इन गानों में राजेश खन्ना का अभिनय और किशोर की गायकी एक-दूसरे के पूरक साबित हुए। 'मेरे जीवन साथी' का 'ओ मेरे दिल के चैन' इस जोड़ी के सबसे लोकप्रिय रोमांटिक गानों में शामिल है।
वहीं 'सफर' का 'जीवन से भरी तेरी आंखें' किशोर कुमार की आवाज में है। उन्होंने फिल्म 'आनंद' में राजेश खन्ना पर फिल्माए गए 'जिंदगी कैसी है पहेली' गाने के जरिए जीवन को देखने का एक अलग नजरिया पेश किया। 'हाथी मेरे साथी' का 'नफरत की दुनिया को छोड़ के' और 'आप की कसम' का 'जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो मकाम' भी इस जोड़ी के यादगार गानों में गिने जाते हैं। राजेश खन्ना की 'आप की कसम' फिल्म में लता मंगेशकर के साथ किशोर कुमार का गाया 'करवटें बदलते रहे सारी रात हम' गाना आज भी सुना जाता है।
किशोर कुमार की खासियत यह थी कि वह राजेश खन्ना के चेहरे के भाव और उनके बोलने के अंदाज को अच्छी तरह समझते थे और उन्हीं को ध्यान में रखकर गाना गाते थे। राजेश खन्ना की लोकप्रियता में किशोर कुमार की आवाज का अहम योगदान है। उन्होंने राजेश खन्ना की 92 फिल्मों में 245 गानों को अपनी आवाज दी। किशोर कुमार ने अपने करियर में आठ बार फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता। उन्होंने हिंदी के अलावा बंगाली, मराठी, गुजराती, असमिया और कई अन्य भाषाओं में भी गाने गाए।
भारतीय सिनेमा के बहुमुखी प्रतिभावान कलाकार किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ था। उनका असली नाम आभास कुमार गांगुली था। वे एक महान पार्श्वगायक, अभिनेता, संगीतकार, गीतकार और निर्देशक थे। किशोर कुमार को उनके गानों में अनूठे अंदाज और 'योडलिंग' (Yodeling) के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। उन्होंने हिंदी के साथ-साथ बंगाली, मराठी और गुजराती सहित कई भाषाओं में करीब 2,500 से अधिक सदाबहार गाने गाए। 'रूप तेरा मस्ताना', 'पल-पल दिल के पास' और 'ज़िंदगी एक सफर है सुहाना' जैसे उनके गीत आज भी बेहद लोकप्रिय हैं।
गायन के अलावा, उन्होंने 'चलती का नाम गाड़ी' और 'पड़ोसन' जैसी फिल्मों में अपनी बेहतरीन कॉमेडी और अभिनय से दर्शकों का दिल जीता। उन्हें रिकॉर्ड 8 बार सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। 13 अक्टूबर 1987 को दिल का दौरा पड़ने से मुंबई में उनका निधन हो गया, लेकिन अपनी सुरीली आवाज के जरिए वे आज भी करोड़ों दिलों में जिंदा हैं।
Updated on:
13 Oct 2026 05:23 pm
Published on:
13 Oct 2026 05:23 pm
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