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लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी पर मिल सकती है बड़ी टैक्स छूट, समझिए पूरा गणित

आपकी जीवन बीमा पॉलिसी टैक्स बचाने का एक शानदार तरीका हो सकती है। इस लेख में समझिए, सही रणनीति अपनाकर आप कैसे अपनी बचत बढ़ा सकते हैं और करों में भी चौंकाने वाली छूट पा सकते हैं।
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भारत

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Adarsh Thakur

Aug 10, 2026

Life Insurance Tax Benefits

जीवन बीमा पॉलिसी का लाभ कैसे लें? (फोटोः एआई)

जीवन बीमा पॉलिसी पर टैक्स छूट का अधिकतम लाभ उठाना हर युवा, नौकरीपेशा, छोटे व्यापारी या रिटायरमेंट प्लानर के लिए मायने रखता है। सही जानकारी और रणनीति से आप अपनी बचत और टैक्स बचत दोनों को बढ़ा सकते हैं। इस लेख में सरल भाषा में समझिए कैसे।

जीवन बीमा प्रीमियम पर कटौती: धारा 80C

आप जीवन बीमा के लिए जो प्रीमियम देते हैं, उसे आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्सेबल इनकम से घटाया जा सकता है। इस कटौती की अधिकतम सीमा ₹1.5 लाख प्रति वर्ष है। यह कटौती आपके, आपके जीवनसाथी और बच्चों की पॉलिसियों पर लागू होती है। ध्यान रखें कि यह कटौती अन्य 80C के अंतर्गत आने वाले निवेशों (जैसे PPF, ELSS, होम लोन प्रिंसिपल आदि) के साथ मिलकर कुल ₹1.5 लाख की सीमा में आती है।

मूलधन और बोनस पर छूट: धारा 10(10D)

जब पॉलिसी पर मैच्योरिटी या मृत्यु लाभ मिलता है, तो वह धारा 10(10D) के तहत टैक्स-फ्री होता है, बशर्ते कुछ शर्तें पूरी हों।

इन शर्तों में शामिल हैं:

  • पॉलिसी जारी होने के बाद प्रीमियम किसी वित्तीय वर्ष में कुल पूंजी बीमा राशि (sum assured) का 10% से अधिक नहीं होना चाहिए (2012 के बाद जारी पॉलिसियों के लिए)।
  • 1 अप्रैल 2013 के बाद जारी पॉलिसियों में, यदि लाभार्थी विकलांगता (धारा 80U) या गंभीर बीमारी (धारा 80DDB) से ग्रस्त है, तो सीमा 15% है।
  • 1 फरवरी 2021 के बाद जारी ULIP पॉलिसियों पर, यदि वार्षिक प्रीमियम ₹2.5 लाख से अधिक है, तो मैच्योरिटी लाभ टैक्सेबल हो सकता है।

GST में छूट

22 सितंबर 2025 से, सभी व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों पर GST (जो पहले 18% था) पूरी तरह से माफ कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब आपको प्रीमियम पर कोई GST नहीं देना होगा, जिससे आपकी कुल लागत कम हो गई है।

अधिक लाभ के लिए व्यावहारिक कदम

  1. प्रीमियम को ₹1.5 लाख की सीमा में रखेंसुनिश्चित करें कि आपके जीवन बीमा प्रीमियम और अन्य 80C निवेश ₹1.5 लाख से अधिक न हों।
  2. पॉलिसी की लागत और लाभ का अनुपात जांचेंपॉलिसी का वार्षिक प्रीमियम पूंजी बीमा राशि का 10% से अधिक न हो, अन्यथा मैच्योरिटी लाभ पर टैक्स लग सकता है।
  3. ULIP पॉलिसियों में सावधानी बरतेंयदि ULIP पॉलिसी 1 फरवरी 2021 के बाद जारी हुई है और प्रीमियम ₹2.5 लाख से अधिक है, तो मैच्योरिटी पर टैक्स लग सकता है।
  4. GST छूट का लाभ उठाएंव्यक्तिगत जीवन बीमा पॉलिसियों पर अब GST नहीं लगता — यह आपकी बचत बढ़ाता है।
  5. टैक्स रिटर्न में सही विवरण भरेंITR में धारा 80C के तहत कटौती का दावा करते समय पॉलिसी नंबर और योग्य राशि भरना न भूलें।

तालिका से समझिएः

लाभ का प्रकारसीमा / शर्तें
धारा 80C कटौती₹1.5 लाख (80C सहित)
धारा 10(10D) छूटप्रीमियम ≤ 10% of sum assured; ULIP में ₹2.5 लाख सीमा
GST छूटव्यक्तिगत पॉलिसियों पर 22 सितंबर 2025 से लागू

बीमा योजनाओं का चयन कैसे करें?

बीमा योजनाओं का चयन करते समय, अपनी आर्थिक स्थिति और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखें। विभिन्न योजनाओं की तुलना करें और सुनिश्चित करें कि वे आपके दीर्घकालिक लक्ष्यों के अनुरूप हैं।

बीमा और टैक्स प्लानिंग के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना हमेशा फायदेमंद होता है। वे आपको विशेष परिस्थितियों के अनुसार सही योजना चुनने में मदद कर सकते हैं।