
Healthy Lifestyle Tips: लाइफस्टाइल डिजीज से बचने के तरीके। (Image: AI)
Lifestyle Disease Prevention: सुस्त जीवनशैली (लाइफस्टाइल डिजीज) का खतरा बढ़ता जा रहा है। लंबे समय तक बैठे रहने और शारीरिक गतिविधि की कमी से मोटापा, डायबिटीज और हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। वहीं दूसरी गंभीर बीमारियां भी जन्म ले सकती हैं। आइए समझते हैं कि यह कैसे होता है, कौन-कौन प्रभावित हो सकते हैं और आप क्या कर सकते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, जो लोग पर्याप्त शारीरिक गतिविधि नहीं करते, उनमें मृत्यु का जोखिम 20–30% तक बढ़ जाता है। साथ ही, यह हृदय रोग, कैंसर और मधुमेह जैसी गैर-संचारी बीमारियों का भी प्रमुख कारण है।
विशेष रूप से कैंसर के संदर्भ में, लंबे समय तक बैठे रहने (सेडेंटरी बिहेवियर) से कोलोरेक्टल, स्तन और एंडोमेट्रियल कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। WHO की गाइडलाइंस बताती हैं कि दिन में 8 घंटे से अधिक बैठे रहने पर हृदय रोग और कैंसर से मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है, खासकर उन लोगों में जो कम सक्रिय (एक्टिव) रहते हैं।
एक अध्ययन (British Journal of Sports Medicine, 2025) में पाया गया कि जिन लोगों की कमर का घेरा WHO की उच्च-जोखिम सीमा से ऊपर था, उनमें कैंसर का जोखिम 11% ज्यादा था, भले ही वे शारीरिक गतिविधि की गाइडलाइंस का पालन कर रहे हों। वहीं, जो लोग शारीरिक गतिविधि की गाइडलाइंस का पालन नहीं करते, उनमें कैंसर का जोखिम 4% ज्यादा था और दोनों कारकों के एक साथ होने पर यह जोखिम 15% तक पहुंच गया।
भारत में गैर-संचारी बीमारियां (NCDs) तेजी से बढ़ रही हैं। WHO के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के आंकड़ों के अनुसार, शारीरिक निष्क्रियता से कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक और मधुमेह का जोखिम 20–30% तक बढ़ जाता है और इससे जीवनकाल में 3–5 वर्ष की कमी हो सकती है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 10% कैंसर के मामलों का संबंध खराब जीवनशैली और शारीरिक निष्क्रियता से है।
आप अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करके इस खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं:
अपने रक्तचाप, रक्त शर्करा, बॉडी मास इंडेक्स (BMI) और कमर के घेरे की समय-समय पर जांच कराएं। यदि कोई जोखिम नजर आए, तो डॉक्टर से सलाह लें।
यदि आप लंबे समय तक बैठे रहने के कारण थकान, वजन बढ़ना या किसी प्रकार की असहजता महसूस कर रहे हैं, तो डॉक्टर से मिलकर अपनी जीवनशैली और जांच की योजना बनाएं। यह लेख डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी नई गतिविधि या आहार शुरू करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
Updated on:
01 Aug 2026 03:00 pm
Published on:
01 Aug 2026 03:00 pm
