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मानसून में पेट, त्वचा और मच्छरों से जुड़ी बीमारियों का खतरा अधिक, जानें बचाव के आसान तरीके

क्या आप जानते हैं कि बारिश की हर बूंद के साथ आपकी सेहत पर भी खतरे मंडराते हैं? मानसून में कैसे रखें अपने शरीर को सुरक्षित और स्वस्थ? जानिए, ये आसान और प्रभावी उपाय!
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भारत

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Ravi Gupta

Aug 07, 2026

monsoon diseases

प्रतीकात्मक तस्वीर \ Credit- ChatGPT

बारिश की ठंडी बूंदों के साथ राहत तो मिलती है, लेकिन मानसून के मौसम में स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी बढ़ जाती हैं। नमी, गंदा पानी और बदलता तापमान कई तरह की बीमारियों को आमंत्रित करते हैं। जानिए मानसून में शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव और उनसे बचने के आसान उपाय।

पाचन तंत्र पर असर और बचाव

मानसून में नमी और ठंडे मौसम के कारण पाचन धीमा हो जाता है। इससे भारीपन, गैस, अपच और दस्त जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट के अनुसार, नमी और ठंडे तापमान के कारण भोजन पेट में अधिक समय तक रहता है, जिससे सूजन और असहजता होती है। दूषित भोजन या पानी से भी पेट संबंधी परेशानियां होती हैं।

रोकथाम के लिए उपाय

  • घर का बना, हल्का और गर्म भोजन जैसे खिचड़ी, सूप, उबली सब्जियां अपनाएं।
  • कच्चे सलाद, स्ट्रीट फूड और फिजी ड्रिंक्स से बचें।
  • पाचन सुधारने के लिए जीरा, अदरक, अजवाइन जैसे मसाले शामिल करें।
  • दही, छाछ या प्रोबायोटिक युक्त भोजन से अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा मिलता है।
  • भोजन के बाद हल्की सैर या योग करें, इससे पाचन सक्रिय रहता है।

संक्रामक और जलजनित रोगों से बचाव

मानसून में पानी और भोजन के माध्यम से फैलने वाले रोगों का खतरा बढ़ जाता है। हैजा, टाइफाइड, हेपेटाइटिस A, दस्त जैसी बीमारियां आम हैं। हेपेटाइटिस A के लक्षणों में बुखार, थकावट, भूख में कमी, पीलिया और पेट दर्द शामिल हैं।

बचाव के उपाय

  • केवल उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं; बोतलबंद पानी विश्वसनीय स्रोत से लें।
  • भोजन और पानी की सफाई पर ध्यान दें, हाथ धोना और रसोई साफ रखना आवश्यक है।
  • हेपेटाइटिस A और टाइफाइड के लिए टीकाकरण पर विचार करें, विशेषकर जोखिम वाले क्षेत्रों में।

मच्छर जनित बीमारियां और बचाव

मानसून में जमा पानी मच्छरों के पनपने का कारण बनता है, जिससे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी बीमारियां फैलती हैं।

रोकथाम के उपाय

  • घर के आसपास पानी जमा न होने दें—बाल्टी, गमले, टायर आदि खाली रखें।
  • DEET, पिकारिडिन या नींबू यूकेलिप्टस तेल वाले रिपेलेंट का उपयोग करें, विशेषकर बच्चों पर सावधानीपूर्वक।
  • लंबी आस्तीन के कपड़े, पैंट और मच्छरदानी का उपयोग करें।

त्वचा और श्वसन संबंधी समस्याएं

नमी के कारण फंगल संक्रमण, खुजली, आंखों में जलन जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। भीगी त्वचा पर संक्रमण का खतरा रहता है।

रोकथाम के लिए टिप्स

  • बारिश में भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनें और त्वचा को साफ व सूखा रखें।
  • सांस लेने वाले जूते और सूती कपड़े पहनें, तथा तौलिया, तकिया साझा न करें।
  • खांसी, जुकाम या बुखार जैसे लक्षण दिखें तो डॉक्टर से संपर्क करें।

मानसून में पोषण और मानसिक स्वास्थ्य

समस्याबचाव उपाय
पाचन संबंधी परेशानीहल्का, गर्म भोजन; मसाले जैसे जीरा, अदरक; प्रोबायोटिक
जलजनित रोगउबला/फिल्टर पानी; सफाई; टीकाकरण
मच्छर जनित रोगपानी जमा न होने दें; रिपेलेंट; मच्छरदानी
त्वचा/श्वसन समस्यासूखे कपड़े; व्यक्तिगत स्वच्छता; डॉक्टर से संपर्क
पोषण व मानसिक स्वास्थ्यसंतुलित आहार; तनाव कम करें; स्वच्छता और नींद

स्वस्थ रहने के लिए पोषण और मानसिक संतुलन भी आवश्यक है। विटामिन C युक्त फल, मौसमी सब्जियां, प्रोटीन और प्रोबायोटिक भोजन शामिल करें। तनाव से बचना भी उतना ही महत्वपूर्ण है—तनाव से खाने और नींद पर असर पड़ता है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।

सरल लेकिन असरदार आदतें

  • छाता साथ रखें, समय पर सोएं, सुरक्षित पानी भरें और बारिश में जमा पानी पर नजर रखें।
  • घर में हवादार माहौल बनाएं और स्वच्छता पर ध्यान दें।

कुछ घरेलू और आसान खाद्य पदार्थ मानसून में पाचन और इम्यूनिटी के लिए लाभकारी होते हैं:

  • घर का बना ताजा दही, किण्वित खाद्य (जैसे इडली, डोसा), पका केला, अदरक, मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया और ओट्स जैसे फाइबर युक्त भोजन।

ये खाद्य पदार्थ पाचन को आसान बनाते हैं, अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं और पेट को हल्का रखते हैं।

बारिश का मौसम आनंददायक हो सकता है - गरम चाय, पकोड़े, घर की गर्माहट। लेकिन इसके साथ थोड़ी सावधानी और समझदारी जरूरी है। साफ-सफाई, संतुलित भोजन, सुरक्षित पानी और मानसिक संतुलन से आप मानसून का आनंद बीमारियों से बचकर पूरी तरह ले सकते हैं।