
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 1 जुलाई 2026 से एक नया, बेहतर और सरल शिकायत निवारण सिस्टम लागू किया है। RBI की इस नई सेवा 'Reserve Bank Integrated Ombudsman Scheme 2026' के तहत लागू किया गया है। यह बदलाव आम जन के लिए शिकायत करने का रास्ता आसान, तेज और भरोसेमंद बनाता है। इस नए नियम के लागू होने से आपकी वित्तीय सुरक्षा अब और मजबूत हुई है। यह आपके वित्तीय अधिकारों की रक्षा करता है और आपको बेहतर मुआवजा दिलाने में सक्षम है।
RBI ने 16 जनवरी 2026 को इस नए नियम को जारी किया, जो 1 जुलाई 2026 से लागू हो गया है। यह सिस्टम पुराने 2021 के Integrated Ombudsman Scheme को पूरी तरह बदलता है, लेकिन पहले की शिकायतों, अपीलों और निर्णयों को पुराने नियमों के तहत पूरा होने की अनुमति देता है।
RBI का नया शिकायत निपटान करने का सिस्टम उन सभी संस्थानों को कवर करता है, जो RBI द्वारा नियंत्रित हैं। जिसमे वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंक (₹50 करोड़ से अधिक जमा वाले), गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs), प्रीपेड भुगतान उपकरण जारी करने वाले गैर-बैंक और क्रेडिट सूचना कंपनियां शामिल हैं।
अब आपको यह नहीं देखना कि किस स्कीम के तहत शिकायत करनी है। अब वित्तीय समस्या से जुड़ी शिकायत के लिए 'One Nation One Ombudsman' की नीति लागू है, यानी पूरे देश में एक ही सिस्टम काम करेगा। शिकायतें ऑनलाइन CMS पोर्टल, ई‑मेल या फिजिकल फॉर्म से की जा सकती हैं। इस नई सेवा के क्रियान्वयन के लिए चंडीगढ़ में CRPC (Centralised Receipt and Processing Centre) स्थापित किया गया है। RBI ने शिकायत निवारण को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए स्पष्ट समय सीमा और प्रक्रिया तय की है। अब शिकायतों के निपटारे में देरी कम होगी और प्रक्रिया सरल होगी।
अब Ombudsman आपके लिए दो तरह का मुआवजा दे सकता है। अब वित्तीय नुकसान (Consequential Loss) के लिए ₹30 लाख तक और मानसिक पीड़ा या परेशानियों के लिए ₹3 लाख तक क मुआवजा देने का प्रावधान है। नए नियम के आधिकारिक दस्तावेज में यही सीमा स्पष्ट की गई है।
अगर Ombudsman का निर्णय आपको या संस्था को संतोषजनक नहीं लगता, तो दोनों पक्षों को अपील करने का अधिकार है। पहले शिकायत प्रक्रिया जटिल और समय लेने वाली होती थी। अब यह सरल, तेज और एकीकृत हो गई है। आपको अलग-अलग स्कीमों में उलझने की जरूरत नहीं। शिकायत को ऑनलाइन ट्रैक किया सकता है। इस नियम के तहत मुआवजा सीमा बढ़ने से आपकी वित्तीय सुरक्षा मजबूत होती है।
Updated on:
31 Jul 2026 10:37 pm
Published on:
31 Jul 2026 10:34 pm
