
सांकेतिक इमेज (सोर्स- ChatGpt)
चाहे आपकी नौकरी अभी शुरू हुई हो या आप एक दशक से काम कर रहे हों, रिटायरमेंट की तैयारी आज से ही शुरू होनी चाहिए। जितनी देर करेंगे, भविष्य में बोझ उतना ही बढ़ेगा। आइए समझते हैं कि क्यों और कैसे शुरुआत करें। हमारी छोटी-छोटी बचत रिटायरमेंट के समय काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि रिटायरमेंट प्लानिंग में सबसे बड़ी गलती है शुरुआत में देरी करना। विशेषज्ञों का कहै कि समय रहते शुरू करें, नियमित रहें और समय-समय पर समीक्षा करें। सरकारी और निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए EPF एक स्वचालित बचत साधन है। हर महीने आपकी और आपके नियोक्ता की ओर से 12-12% योगदान होता है। यह बचत चक्रवृद्धि ब्याज से बढ़ती है, जो लंबे समय में कॉर्पस को काफी बड़ा बना देती है।
हाल ही में EPF स्कीम 2026 लागू हुई है, जो पुराने 1952 वाले ढांचे को बदलकर नए सामाजिक सुरक्षा कानून (Code on Social Security, 2020) के तहत लाई गई है। लेकिन नौकरीपेशा लोगों के लिए योगदान की दर, ब्याज दर, पेंशन नियम जैसी मूल बातें ज्यादातर वही बनी हुई हैं। एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब ₹1,800 प्रति माह से ऊपर का PF योगदान स्वैच्छिक (voluntary) हो गया है।
यानी यदि आपकी बेसिक सैलरी ₹15,000 से अधिक है, तो 12% योगदान में से ₹1,800 तक का हिस्सा अनिवार्य है, बाकी आप चाहें तो अतिरिक्त योगदान कर सकते हैं। यह लचीलापन है, लेकिन अतिरिक्त योगदान से रिटायरमेंट कॉर्पस बढ़ाने में मदद मिलती है।
EPF खाता रिटायरमेंट के बाद भी ब्याज अर्जित करता रहता है। यदि आप 55 या उससे अधिक उम्र में रिटायर होते हैं तो आपका EPF बैलेंस 36 महीने तक ब्याज कमाता रहता है या जब तक आप 58 वर्ष के नहीं हो जाते, जो भी बाद में हो। यह समय आपके लिए अतिरिक्त लाभ का अवसर है। इसलिए रिटायरमेंट के बाद तुरंत निकालने की बजाय, ब्याज बढ़ने दें।
रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए कई विकल्प मौजूद हैं। सिर्फ EPF पर निर्भर रहना काफी नहीं है। रिटायरमेंट के लिए EPF, NPS और PPF जैसे विकल्प हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि EPF या PPF जैसे सुरक्षित विकल्पों के साथ NPS को भी शामिल करें, क्योंकि NPS में बाजार-आधारित वृद्धि की संभावना होती है। विशेष रूप से युवा या शुरुआती नौकरीपेशा लोग EPF के साथ NPS जोड़कर एक संतुलित योजना बना सकते हैं। EPF से स्थिरता और NPS से वृद्धि दोनों मिलती हैं।
एक सर्वे में पता चला कि अधिकांश लोग रिटायरमेंट प्लानिंग 32 वर्ष की उम्र में शुरू करते हैं, जबकि 20% लोग मानते हैं कि इसे 30 से पहले ही शुरू कर देना चाहिए। यह संकेत है कि शुरुआत जितनी जल्दी होगी, उतना बेहतर है। सेबी (SEBI) की एक मार्गदर्शिका बताती है कि रिटायरमेंट के लिए आपको अपनी पूर्व-रिटायरमेंट आय का लगभग 70–90% तक की मासिक आय की आवश्यकता हो सकती है। यह लक्ष्य तभी हासिल हो सकता है जब बचत समय रहते शुरू हो और नियमित हो।
Updated on:
04 Aug 2026 09:20 pm
Published on:
04 Aug 2026 09:20 pm
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