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नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट योजना किस उम्र में शुरू करें? समझें सबकुछ

क्या आप जानते हैं कि रिटायरमेंट की तैयारी का सही समय कब है? अगर आप आज से ही एक छोटी सी बचत शुरू कर लें, तो आपका भविष्य कितना सुरक्षित हो सकता है। आइए जानते हैं बचत करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स।
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भारत

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Vinay Shakya

Aug 04, 2026

Savings and Retirement Planning for Working People

सांकेतिक इमेज (सोर्स- ChatGpt)

चाहे आपकी नौकरी अभी शुरू हुई हो या आप एक दशक से काम कर रहे हों, रिटायरमेंट की तैयारी आज से ही शुरू होनी चाहिए। जितनी देर करेंगे, भविष्य में बोझ उतना ही बढ़ेगा। आइए समझते हैं कि क्यों और कैसे शुरुआत करें। हमारी छोटी-छोटी बचत रिटायरमेंट के समय काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।

पहली बचत: जितनी जल्दी, उतनी बेहतर

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि रिटायरमेंट प्लानिंग में सबसे बड़ी गलती है शुरुआत में देरी करना। विशेषज्ञों का कहै कि समय रहते शुरू करें, नियमित रहें और समय-समय पर समीक्षा करें। सरकारी और निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए EPF एक स्वचालित बचत साधन है। हर महीने आपकी और आपके नियोक्ता की ओर से 12-12% योगदान होता है। यह बचत चक्रवृद्धि ब्याज से बढ़ती है, जो लंबे समय में कॉर्पस को काफी बड़ा बना देती है।

EPF के नियम

हाल ही में EPF स्कीम 2026 लागू हुई है, जो पुराने 1952 वाले ढांचे को बदलकर नए सामाजिक सुरक्षा कानून (Code on Social Security, 2020) के तहत लाई गई है। लेकिन नौकरीपेशा लोगों के लिए योगदान की दर, ब्याज दर, पेंशन नियम जैसी मूल बातें ज्यादातर वही बनी हुई हैं। एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब ₹1,800 प्रति माह से ऊपर का PF योगदान स्वैच्छिक (voluntary) हो गया है।

यानी यदि आपकी बेसिक सैलरी ₹15,000 से अधिक है, तो 12% योगदान में से ₹1,800 तक का हिस्सा अनिवार्य है, बाकी आप चाहें तो अतिरिक्त योगदान कर सकते हैं। यह लचीलापन है, लेकिन अतिरिक्त योगदान से रिटायरमेंट कॉर्पस बढ़ाने में मदद मिलती है।

EPF में ब्याज कब तक मिलता है?

EPF खाता रिटायरमेंट के बाद भी ब्याज अर्जित करता रहता है। यदि आप 55 या उससे अधिक उम्र में रिटायर होते हैं तो आपका EPF बैलेंस 36 महीने तक ब्याज कमाता रहता है या जब तक आप 58 वर्ष के नहीं हो जाते, जो भी बाद में हो। यह समय आपके लिए अतिरिक्त लाभ का अवसर है। इसलिए रिटायरमेंट के बाद तुरंत निकालने की बजाय, ब्याज बढ़ने दें।

रिटायरमेंट प्लानिंग के विकल्प

रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए कई विकल्प मौजूद हैं। सिर्फ EPF पर निर्भर रहना काफी नहीं है। रिटायरमेंट के लिए EPF, NPS और PPF जैसे विकल्प हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि EPF या PPF जैसे सुरक्षित विकल्पों के साथ NPS को भी शामिल करें, क्योंकि NPS में बाजार-आधारित वृद्धि की संभावना होती है। विशेष रूप से युवा या शुरुआती नौकरीपेशा लोग EPF के साथ NPS जोड़कर एक संतुलित योजना बना सकते हैं। EPF से स्थिरता और NPS से वृद्धि दोनों मिलती हैं।

कब शुरू करें रिटायरमेंट प्लानिंग?

एक सर्वे में पता चला कि अधिकांश लोग रिटायरमेंट प्लानिंग 32 वर्ष की उम्र में शुरू करते हैं, जबकि 20% लोग मानते हैं कि इसे 30 से पहले ही शुरू कर देना चाहिए। यह संकेत है कि शुरुआत जितनी जल्दी होगी, उतना बेहतर है। सेबी (SEBI) की एक मार्गदर्शिका बताती है कि रिटायरमेंट के लिए आपको अपनी पूर्व-रिटायरमेंट आय का लगभग 70–90% तक की मासिक आय की आवश्यकता हो सकती है। यह लक्ष्य तभी हासिल हो सकता है जब बचत समय रहते शुरू हो और नियमित हो।

बचत के लिए व्यावहारिक कदम

  • EPF में नियमित योगदान जारी रखें। यह स्वचालित और भरोसेमंद है।
  • यदि संभव हो, तो ₹1,800 से ऊपर का योगदान VPF (Voluntary Provident Fund) के रूप में करें।
  • NPS में भी निवेश शुरू करें। यह लंबी अवधि में वृद्धि का साधन है।
  • समय-समय पर अपनी बचत और निवेश की समीक्षा करें, जैसे- हर साल या जब वेतन बढ़े।
  • रिटायरमेंट की आय का लक्ष्य तय करें। उदाहरण के लिए, वर्तमान आय का 70–90% और उसी के अनुसार बचत बढ़ाएं।

जोखिम और सावधानी

  • ब्याज और निवेश पर भरोसा रखें, लेकिन समय-समय पर नियमों में बदलाव हो सकते हैं। जैसे EPF स्कीम 2026 में बदलाव आया है। इसलिए अपडेट जानकारी रखें।
  • अतिरिक्त योगदान करने से पहले अपनी नकदी प्रवाह (Cash flow) और आपातकालीन बचत को ध्यान में रखें। रिटायरमेंट प्लानिंग महत्वपूर्ण है, लेकिन जीवन की अन्य जिम्मेदारियों को भी संतुलित रखना आवश्यक है।
  • रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए वर्तमान का समय सबसे अच्छा है। EPF जैसे स्वचालित साधन से शुरुआत करें, अतिरिक्त योगदान और NPS से उसे मजबूत करें और समय-समय पर समीक्षा करते रहें। इससे न केवल आपका भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि आप रिटायरमेंट के बाद भी आराम से जीवन जी सकेंगे।