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खेती में ‘स्मार्ट मीटर’ की एंट्री! मिट्टी से मौसम तक फसल पर रखेगा नजर

मिट्टी, मौसम और सिंचाई का डेटा देकर स्मार्ट सेंसर किसानों को सही समय पर बेहतर फैसले लेने में मदद कर रहे हैं।
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भारत

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Ravi Gupta

Aug 11, 2026

smart agriculture device

प्रतीकात्मक तस्वीर | ChatGPT

किसानों की फसल की निगरानी के लिए अब एक नया युग शुरू हो चुका है - एक ऐसा यंत्र, जो मिट्टी, मौसम और फसल की जरूरतों को समझकर खेती को और अधिक टिकाऊ बना रहा है। यह "क्लाइमेट चेंज मीटर" नहीं, बल्कि वास्तव में आधुनिक कृषि में इस्तेमाल होने वाले स्मार्ट सेंसर और उपकरण हैं, जो जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में मदद करते हैं।

आइए जानते हैं, कौन-कौन से यंत्र हैं, वे कैसे काम करते हैं, और किसान के लिए उनका क्या महत्व है।

खेत के मौसम को समझने वाला साथी

ICAR–Central Island Agricultural Research Institute, श्री विजया पुरम ने एक IoT-आधारित उपकरण विकसित किया है, जिसका नाम है Dweep Microclimate Monitor। यह यंत्र तापमान और आर्द्रता को विभिन्न ऊंचाइयों पर मापता है, सौर ऊर्जा से चलता है और डेटा क्लाउड पर भेजता है। इससे किसान दूर से ही अपने खेत का मौसम समझ सकते हैं, जिससे समय पर निर्णय लेना आसान हो जाता है। यह उपकरण सितंबर 2025 में AgriClimSense, सोनीपत (हरियाणा) के साथ समझौते के माध्यम से व्यावसायिक रूप से उपलब्ध हुआ था।

Nero Pulse: धान की सिंचाई में स्मार्ट बदलाव

Fyllo का Nero Pulse एक स्मार्ट जल स्तर सेंसर है, जो धान के खेतों में Alternate Wetting and Drying (AWD) तकनीक के आधार पर पानी की मात्रा मापता है। यह सौर ऊर्जा से चलता है और मोबाइल नेटवर्क (e-SIM) के माध्यम से डेटा सीधे किसान के फोन पर भेजता है। रंग-कोडित अलर्ट (हरा, पीला, लाल) बताते हैं कि सिंचाई कब करनी है। फिलहाल यह उपकरण पायलट चरण में है, और देश भर में कुछ चुनिंदा कंपनियों व FPO के साथ इसका परीक्षण चल रहा है। कंपनी के अनुसार, इससे पानी की बचत होती है और AWD तकनीक से जुड़े कार्बन क्रेडिट कार्यक्रमों के लिए भी डेटा तैयार किया जा सकता है (सटीक बचत के आंकड़े क्षेत्र और फसल के हिसाब से अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए इन्हें सामान्यीकृत करके नहीं बताया जा रहा)।

Nero Infinity: मिट्टी की जरूरत समझने वाला

Fyllo का एक अन्य उपकरण Nero Infinity है, जो मिट्टी की नमी और तापमान को जड़ स्तर पर मापता है। यह भी सौर ऊर्जा और ई-सिम से चलता है, और सीधे मोबाइल पर सिंचाई या उर्वरक की सलाह भेजता है। इसकी कीमत लगभग ₹8,999 है और यह अंगूर, अनार, गन्ना, नारियल जैसी कई फसलों के लिए उपयुक्त है।

Proximal SoilSens: खेत में लैब जैसा विश्लेषण

IIT बॉम्बे से निकली स्टार्टअप Proximal SoilSens द्वारा विकसित यह उपकरण मिट्टी की नमी, तापमान और माइक्रोक्लाइमेट की जानकारी देता है। यह पोर्टेबल और फील्ड-फ्रेंडली है। बड़े फार्म, संस्थान और जलवायु परियोजनाओं के लिए यह निरंतर डेटा प्रदान करता है। इससे अनुसंधान और सिंचाई योजना बनाने में मदद मिलती है।

e‑Crop: फसल का डिजिटल सिमुलेशन

ICAR–Central Tuber Crops Research Institute ने e‑Crop नामक एक स्मार्ट खेती तकनीक विकसित की है। यह एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जो फसल की वृद्धि को वास्तविक समय में सिमुलेट करता है और दैनिक सलाह देता है। इसका पेटेंट प्राप्त हो चुका है, और जून 2026 में वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे के मौके पर इसे ₹17.70 लाख में Precision Grow, मुंबई को लाइसेंस किया गया है, जिससे यह तकनीक अब अधिक क्षेत्रों और फसलों में उपलब्ध हो सकेगी।

ICAR-CIAE SPAD मीटर: पत्तों से नाइट्रोजन की जानकारी

ICAR और CIAE, भोपाल द्वारा विकसित ICAR-CIAE SPAD मीटर एक हाथ में पकड़ने वाला किफायती यंत्र है, जो पत्तों में क्लोरोफिल की मात्रा मापकर नाइट्रोजन की स्थिति बताता है। इसे डेटा दिखाने और रिकॉर्ड करने के लिए एक OTG-सक्षम एंड्रॉइड स्मार्टफोन से जोड़ना होता है, और इसकी सटीकता एक व्यावसायिक SPAD मीटर के करीब मानी जाती है। यह किसान, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) तथा अनुसंधान संस्थानों में उपलब्ध कराया जा रहा है।

इन उपकरणों से किसान को क्या लाभ मिलता है?

पहला — पानी की बचत: स्मार्ट सिंचाई से पानी की बर्बादी कम होती है।
दूसरा — लागत में कमी: बिजली, डीजल और उर्वरक की खपत घटती है।
तीसरा — पर्यावरणीय लाभ: कार्बन फुटप्रिंट कम करने में मदद मिलती है।
चौथा — बेहतर निर्णय: डेटा आधारित सलाह से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ता है।
पांचवां — जोखिम में कमी: मौसम या मिट्टी की अनिश्चितता से निपटना आसान होता है।

किसान के लिए आगे क्या कदम हो सकते हैं?

  • सबसे पहले, स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या कृषि विभाग से संपर्क करें और देखें कि कौन सा उपकरण आपके क्षेत्र और फसल के लिए उपयुक्त है।
  • दूसरा, यदि आप समूह में काम करते हैं (जैसे FPO), तो उपकरण साझा करना और लागत बांटना फायदेमंद हो सकता है।
  • तीसरा, उपकरणों के डेटा को समझने और उपयोग करने के लिए प्रशिक्षण लें — कई संस्थान और कंपनियां इसका प्रशिक्षण देती हैं।
  • चौथा, यदि आप जलवायु-स्मार्ट खेती या कार्बन क्रेडिट कार्यक्रम में शामिल होना चाहते हैं, तो ऐसे सेंसर आपके लिए विशेष रूप से उपयोगी हो सकते हैं।

ये स्मार्ट उपकरण खेती को केवल आधुनिक नहीं बना रहे, बल्कि उसे टिकाऊ, लाभदायक और जलवायु-प्रतिरोधी भी बना रहे हैं। किसान अब मौसम और मिट्टी की अनिश्चितता से डरने के बजाय, डेटा के सहारे समझदारी से खेती कर सकते हैं।