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क्या मशीन सच में साफ कर देती है कपड़े? समझिए वॉशिंग मशीन का क्लिंजिंग साइंस कैसे करता है काम?

Washing Machine Science: क्या आपकी नजरें भी कपड़े धोते समय गोल-गोल घूम रही वॉशिंग मशीन पर आ टिकती हैं कि आखिर ये कपड़े साफ कैसे करती है? जानिए मशीन में कपड़ों की सफाई का विज्ञान क्या कहता है?
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भारत

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Sanjana Kumar

Aug 12, 2026

Washing Machine Science

Washing Machine Science : AI Creative

Washing Machine Science: आपने भी कभी वॉशिंग मशीन का शीशा देखकर सोचा होगा, कपड़े बस पानी में घूम रहे हैं, फिर आखिर गंदगी निकल कैसे रही है? न हाथ से रगड़ना, न साबुन लगाकर दाग पर मेहनत करना और न ही कपड़े को बार-बार मसलना। फिर भी मशीन के आखिर में कपड़े साफ नजर आते हैं। लेकिन असली सवाल यह है, क्या वॉशिंग मशीन अकेले कपड़े साफ करती है या सफाई के पीछे कोई और खेल चलता है?

असली काम कौन करता है?

कपड़ों का घूमना तो बस दिखने वाला हिस्सा है। मशीन कपड़ों को बार-बार मोड़ती, हिलाती और आपस में रगड़ती है, जिससे रेशों में फंसी मिट्टी ढीली हो जाती है। फिर डिटर्जेंट उस गंदगी को कपड़े से अलग कर पानी में घोल देता है, और गंदा पानी बाहर निकल जाता है। आखिर में रिन्स साइकल बचा हुआ साबुन और गंदगी धो देती है।

ज्यादा झाग मतलब ज्यादा सफाई? गलत सोच!

बहुत लोग सोचते हैं ज्यादा झाग यानी ज्यादा सफाई, इसलिए जरूरत से ज्यादा डिटर्जेंट डाल देते हैं। लेकिन यह गलत है। ज्यादा झाग सफाई का सबूत नहीं है। उल्टा, ज्यादा डिटर्जेंट कपड़ों पर परत छोड़ सकता है और अच्छी तरह धुलना मुश्किल कर सकता है।

मशीन ठूंस-ठूंस कर भर दी तो?

यह भी आम गलती है। अगर ड्रम में कपड़े इतने भर दें कि उन्हें हिलने की जगह ही न मिले, तो पानी और डिटर्जेंट हर कपड़े तक ठीक से नहीं पहुंच पाते। इसलिए मशीन की पूरी क्षमता भरना हमेशा बेहतर नहीं होता।

क्या गर्म पानी ही सबसे बेहतर है?

पूरी तरह सही नहीं। तापमान का असर सफाई और कीटाणु कम करने में ज़रूर होता है, पर हर कपड़ा गर्म पानी में धोना जरूरी नहीं। यह कपड़े के प्रकार और दाग पर निर्भर करता है। अमेरिका की ENERGY STAR एजेंसी के मुताबिक आम कपड़ों के लिए ठंडा पानी अक्सर काफी होता है और गर्म पानी करने में ही मशीन की ज्यादातर बिजली खर्च होती है। गर्म पानी खासतौर पर तेल-चिकनाई वाले दाग में ज्यादा काम आता है।

क्विक वॉश से भी सावधान

15-20 मिनट का छोटा साइकल हल्के गंदे कपड़ों के लिए ठीक है, लेकिन ज्यादा गंदे कपड़े, तौलिए वगैरह के लिए यह काफी नहीं होता। कपड़े की हालत देखकर ही प्रोग्राम चुनना चाहिए।

क्या धुलाई से कीटाणु भी पूरी तरह खत्म हो जाते हैं?

यहां साफ और कीटाणुरहित में फर्क समझना जरूरी है। घर की सामान्य धुलाई से काफी गंदगी और कीटाणु हट जाते हैं, लेकिन इसे अस्पताल जैसा 'स्टरलाइजेशन' नहीं कहा जा सकता। दरअसल CDC के मुताबिक हॉस्पिटल में कपड़े कीटाणुरहित करने के लिए बहुत ज्यादा गर्म पानी (लगभग 60 डिग्री या उससे ऊपर) और तय समय की जरूरत होती है, जबकि घर की मशीन में इतना गर्म पानी आमतौर पर नहीं होता। इसलिए यह बात भी सही है कि घर की धुलाई अस्पताल जैसी कीटाणुरहित प्रक्रिया के बराबर नहीं है।

यानी अगली बार मशीन में कपड़े घूमते देखें तो समझिए, असल काम अकेले घूमने का नहीं, बल्कि सही मात्रा में कपड़े, सही डिटर्जेंट, सही साइकल और अच्छी रिन्सिंग का मिला-जुला नतीजा है।