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शेयर मार्केट में सोच समझकर करें निवेश; जानें जोखिम कम करने के बेहतरीन तरीके

सही निवेश रणनीति अपनाकर आप अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं। जानिए कैसे सरल तरीके अपनाकर आप जोखिम को कम कर सकते हैं और अपनी संपत्ति को बढ़ा सकते हैं?
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भारत

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Vinay Shakya

Aug 07, 2026

ways to reduce stock market risk

सांकेतिक इमेज (सोर्स- gemini)

निवेश में जोखिम को कम करना हर निवेशक के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है। चाहे आप छात्र हों, मध्यम वर्गीय परिवार से हों या सेवानिवृत्ति के करीब हों, समझदारी से जोखिम का प्रबंधन करना आपके वित्तीय भविष्य को सुरक्षित बना सकता है। इस खबर में निवेश से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी, वित्तीय जोखिम कम करने के तरीके और विशेषज्ञों की राय को शामिल किया गया है। इस खबर में दी गई जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

निवेश का जोखिम पहचानें

निवेश का जोखिम अर्थात् वह अनिश्चितता या संभावित नुकसान, जो आपके निवेश से जुड़ा होता है। जैसे-जैसे जोखिम बढ़ता है, आमतौर पर रिटर्न की संभावना भी बढ़ती है। जोखिम दो प्रकार के होते हैं-

  • बाजार-व्यापी जोखिम (market-wide risk): जैसे पूरे शेयर बाजार में गिरावट।
  • विशेष जोखिम (security-specific risk) : जैसे किसी एक कंपनी या सेक्टर में समस्या।बाजार-व्यापी जोखिम विविधीकरण (diversification) से कम किया जा सकता है, जबकि दूसरे प्रकार के जोखिम को विशेष सावधानी से संभालना होता है। जोखिम को मापने के लिए कई तरीके हैं, जैसे वोलैटिलिटी (अस्थिरता), वैल्यू एट रिस्क (VaR) आदि।जोखिम प्रबंधन का अर्थ है- जोखिम की पहचान करना, उसे मापना और अपनी सहनशीलता (risk tolerance) के अनुसार नियंत्रित करना। CFA संस्थान के अनुसार, यह एक व्यवस्थित प्रक्रिया है, जिसमें जोखिम की पहचान, मापन, निगरानी और समायोजन शामिल होता है।

जोखिम कम करने के व्यावहारिक तरीके

  1. विविधीकरण अपनाएं: अलग-अलग प्रकार की संपत्तियों (जैसे इक्विटी, बॉन्ड, सोना, नकद) में निवेश करें। इससे एक जगह नुकसान होने पर दूसरी जगह से संतुलन बनता है।
  2. समय के अनुसार निवेश चुनें: यदि आपका निवेश काल छोटा है, तो इक्विटी जैसी अस्थिर संपत्तियों से बचें। लंबी अवधि में, मुद्रास्फीति से बचने के लिए ऐसे विकल्प चुनें, जो मुद्रास्फीति से अधिक रिटर्न दे सकें।
  3. परिसंपत्ति आवंटन (Asset Allocation): अपने निवेश को स्टॉक्स, बॉन्ड्स और नकद के बीच संतुलित करें, ताकि जोखिम और रिटर्न का संतुलन बना रहे।
  4. जोखिम स्थानांतरण (Risk Transfer): कुछ जोखिमों को बीमा या हेजिंग (जैसे विकल्पों के माध्यम से) द्वारा स्थानांतरित किया जा सकता है, हालांकि यह महंगा हो सकता है।
  5. तरलता बनाए रखें: आपात स्थिति में आपको निवेश बेचने की बजाय नकद उपलब्ध होना चाहिए। इससे बाजार गिरने पर भी आपको मजबूरी में बिक्री से बचने में मदद मिलती है।
  6. भावनात्मक निर्णय लेने से बचें: बाजार में उतार-चढ़ाव पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें। एक स्पष्ट योजना और जोखिम सहनशीलता बनाए रखें।
  7. सेवानिवृत्ति के करीब जोखिम कम करें : सेवानिवृत्ति के निकट आते समय जोखिम भरे निवेशों से सुरक्षित, आय-उन्मुख विकल्पों की ओर धीरे-धीरे स्थानांतरित हों।

अक्सर होने वाली गलतियां, जिनसे बचें

  • केवल एक ही प्रकार की संपत्ति में निवेश करना (जैसे केवल स्टॉक्स): इससे जोखिम बढ़ता है।
  • बाजार के समय का अनुमान लगाने की कोशिश करना: यह कठिन और जोखिम भरा होता है।
  • आपातकालीन नकद न रखना: इससे गिरावट के समय मजबूरी में निवेश बेचने की नौबत आ सकती है।
  • सेवानिवृत्ति के समय भी जोखिम भरे निवेश रखना: इससे आपकी बचत पर खतरा हो सकता है।

यह समझना जरूरी है कि जोखिम को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता, लेकिन उसे समझदारी से प्रबंधित किया जा सकता है। विविधीकरण, समय के अनुसार निवेश, परिसंपत्ति आवंटन, तरलता बनाए रखना और भावनात्मक निर्णयों से बचना। ये सभी कदम मिलकर आपके निवेश को अधिक सुरक्षित और स्थिर बना सकते हैं। यदि आप व्यक्तिगत सलाह चाहते हैं, तो किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से संपर्क करें।

(डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, व्यक्तिगत वित्तीय या कानूनी सलाह नहीं है। इसलिए निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय अवश्य लें।)