2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दीपावली पर कब करें मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

हिंदू धर्म में दीपावली का विशेष महत्व है। दीपावली मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं, दीपावली पर पूजा के लिए शुभ मुहूर्त कब है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Vinay Shakya

•

Updated: 2 Nov 2026, 4:24 PM IST

worship on diwali

सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)

हिंदू धर्म में दीपावली का विशेष महत्व है। इस दिन हर घर दीपों की रोशनी से जगमगा उठता है। लोग अपने घरों को फूलों, रंगोली और खूबसूरत लाइटों से सजाते हैं। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से मां लक्ष्मी और भगवान गणेशजी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।

कब है दीपावली?

हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दीपावली मनाई जाती है। साल 2026 में अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट से शुरू होगी और 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। 8 नवंबर को प्रदोष काल के दौरान अमावस्या तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इस साल दीपावली 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी।

पूजा के लिए शुभ मुहूर्त

दीपावली की शाम मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व होता है। 8 नवंबर 2026 को लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 54 मिनट से रात 7 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इस दौरान प्रदोष काल और वृषभ काल का संयोग रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय पूजा करना शुभ माना जाता है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के अनुसार मुहूर्त में अंतर हो सकता है। इसलिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार समय जरूर देख लें।

पूजा विधि और तैयारी

दीपावली के दिन सुबह जल्दी उठकर घर की साफ-सफाई करें और पूजा स्थल को अच्छी तरह सजाएं। शाम को एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद सबसे पहले भगवान गणेश का ध्यान करके पूजा शुरू करें। मां लक्ष्मी को रोली, अक्षत, फूल और मिठाई अर्पित करें। इसके बाद धूप और दीप जलाकर दोनों की आरती करें। अंत में परिवार की सुख-समृद्धि, तरक्की और खुशहाली के लिए प्रार्थना करें। पूजा पूरी होने के बाद घर के मुख्य दरवाजे और अन्य स्थानों पर दीपक जलाएं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम 14 वर्ष का वनवास पूरा करके जब माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे, तब नगरवासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था। तभी से दीपावली को दीपों के त्योहार के रूप में मनाने की परंपरा जुड़ी हुई है।इससे पहले धनतेरस 6 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा, जबकि छोटी दिवाली 7 नवंबर को पड़ेगी। इसके बाद 8 नवंबर को दीपावली और लक्ष्मी पूजन होगा। वहीं, गोवर्धन पूजा 10 नवंबर और भाई दूज 11 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी।