
यात्रा के संयोजक श्रीजी शर्मा जैसे ही मुख्य ध्वज ताडक़ेश्वर महादेव मंदिर से बाहर लेेकर आए तो श्रद्धालुओं ने डिग्गी कल्याणजी के जयकारों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया।

पदयात्रा गाजे बाजे एवं पूरे लवाजमे के साथ न्यू गेट तक पहुंची। वहीं गजराज पदयात्रियों का अभिवादन करता हुआ आगे आगे चल रहा था।

कुछ पदयात्री भजनों पर थिरकते हुए चल रहे थे तो कुछ कनक दंडवत करते हुए आगे बढ़ रहे थे। चौड़ा रास्ता से पदयात्री रामनिवास बाग होते हुए मोतीडूंगरी गणेशजी के दर्शन कर जेएलएन मार्ग होते हुए आगे बढ़े।

बाजे नौबत बाजा महारा डिग्गीपुरी का राजा..., कल्याण धणी को डंका बाज्यों जैसे भजनों की स्वर लहरियां... जयकारे और हजारों श्रद्धालुओं का कारवां आज सुबह डिग्गी कल्याणजी के लिए रवाना हुआ।

लक्खी पदयात्रा में दो सौ से अधिक छोटी-बड़ी अन्य पदयात्राएं भी शामिल हुई। इस दौरान महिलाएं-पुरुष क्या बच्चे, क्या बुजुर्ग नृत्य कर अपने को निहाल कर रहे थे।

मार्ग में जगह-जगह विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से सेवादारों ने यात्रियों के लिए भंडारे लगाकर पुण्य कमाया।