
राजधानी जयपुर का सौंदर्यन बढ़ाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं। प्रमुख चौराहों पर फुलवारी के पौधे और महंगे गमले लगाकर हरियाली को बढ़ावा दिया जाता है।

गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे पर जेडीए और नगर निगम के जिम्मेदारों ने गमले तो लगाए, लेकिन इनमें रोजाना पानी डालने की जहमत तक नहीं उठाई। इसी का नतीजा है कि फुलवारी अब मिट्टी में दफन हो चुकी हैं।

रखरखाव के अभाव में डिवाइडरों और सड़कों के फुटपाथ पर रखे गमले टूट गए, जबकि पानी और खाद न मिलने पर पौधे सूख चुके हैं।

गमलों में अब फुलवारी की जगह कूड़ा भरा हुआ है। पौधे सूखने के बाद गमले कूड़ादान बन गए हैं। इस चौराहे से रोजाना बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है, लेकिन इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।

चौराहे पर बिजली के खंभे लगे हैं। इस खंभे के तार भी गमलों में पड़े हैं, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ क्षतिग्रस्त फुटपाथ से राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है।