
गौरघाट में ढलते सूरज की लालिमा जब झरने के पानी पर पड़ती है तो दृश्य अद्भुत हो जाता है। जिसे लोग कैमरों में कैद होकर यादगार बनाते हैं। पर्यटक कहते हैं कि जब समय मिलता है।

अपने परिवार और दोस्तों के साथ यहाँ आते हैं। गौर घाट में कई बार घटनाएं हो चुकी है। हालांकि, जिला प्रशासन और वन विभाग पर्यटकों को आगाह करता है।

गौरघाट सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि प्रकृति का एक अनमोल उपहार है। जिसे संरक्षित रखना हर पर्यटक की जिम्मेदारी है।

गौर घाट जल प्रपात में सप्ताहभर से बड़ी संख्या में लोग पिकनिक मनाने पहुंच रहे हैं। रोजाना पिकनिक मनाने वालों की भीड़ जुट रही है।

नववर्ष के पहले दिन सुरक्षा को लेकर जवान तैनात रहे। उसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर कोई व्यवस्था नहीं है।

बैकुंठपुर जिला मुख्यालय से लगभग 20-22 किलोमीटर की दूरी पर गौरघाट जलप्रपात स्थित है। यह स्थान जंगलों और पहाड़ों के बीच स्थित है।

पर्यटकों को बहता हुआ जल कल-कल की आवाज़ और चारों ओर फैली हरियाली पर्यटकों के मन को सुकून देती है। खासकर नववर्ष लोग पिकनिक मनाने पहुंच रहे हैं।