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International Tiger Day: बाघों के लिए मुफीद साबित हो रहे हैं पीलीभीत के जंगल

बाघ और इंसान के बीच जारी संघर्ष के बाद भी यहां पर बाघों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया है।

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पीलीभीत। बाघों की घटती संख्या को देखते हुए बाघों के संरक्षण के लिए हर साल 29 जुलाई को विश्व बाघ दिवस International Tiger Day मनाया जाता है। बाघों के संरक्षण के लिए उठाए गए इस कदम के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए है और देश में बाघों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया है। अगर बात करें पीलीभीत के जंगलों की तो यहां के जंगल भी बाघों के लिए मुफीद साबित हो रहे हैं और यहां के टाइगर रिजर्व pilibhit tiger reserve में लगातार बाघों का कुनबा बढ़ रहा है। बाघ और इंसान के बीच जारी संघर्ष के बाद भी यहां पर बाघों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया है। छह साल पहले यहां के जंगलों में बाघों की संख्या 37 थी जो अब बढ़ कर 65 पहुँच गई है।

2014 में घोषित हुआ टाइगर रिजर्व

छह साल पहले पीलीभीत के जंगलों में बाघों की संख्या 37 थी और इसी साल बाघों के संरक्षण के प्रयास बढ़े और जून 2014 को इस क्षेत्र को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। जिसके बाद एक बार फिर बाघों की गिनती की गई तो इनकी संख्या बढ़ कर 42 हो गई। 2017-18 में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के निर्देश पर बाघों की गणना की गई तो इनकी संख्या बढ़ कर 54 हो गई। पिछले एक साल में यहां पर बाघों की संख्या 65 के करीब पहुँच गई है।

कई बार हुआ इंसानों और बाघों में संघर्ष

टाइगर रिजर्व में बाघ और मानव संघर्ष की कई बार घटनाएं हो चुकी हैं। टाइगर रिजर्व के आस पास बसे 275 गांव के लोग लकड़ी बीनने और काटने जंगल में घुसे तो बाघों ने उन पर हमला किया या फिर शिकार का पीछा करते हुए बाघ खेतों में आ गया तो बाघ और इंसान के बीच संघर्ष हुआ। अब तक बाघ और इंसान के संघर्ष में 24 लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी है जबकि सात बाघ भी इंसानी गुस्से का शिकार बन चुके है। बावजूद इसके बाघों की संख्या में इजाफा हुआ है।

बाघों के लिए अनुकूल है टाइगर रिजर्व

पीलीभीत टाइगर रिजर्व माला, महोफ, बराही, हरिपुर और दियोरिया रेंज में बंटा हुआ है। यहां पर बाघों के मनपसन्द शिकार नीलगाय और चीतल की संख्या भी बड़ी तादात में है इसके साथ ही जंगल में नहर होने के कारण वर्ष भर पानी की उपलब्धता रहती और बाघ के आराम करने के लिए दलदली भूमि भी जंगल में है। जंगल में ऊंची घास और घनी झाड़ियों में छिप कर बाघ शिकार कर सकता है कुल मिला कर यहां का मौसम बाघों के लिए पूरी तरह से अनुकूल है जिसकी वजह से बाघों की संख्या में यहां पर लगातार इजाफा हो रहा है।