
Post Office fraud
पीलीभीत। अमरिया डाकघर में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में अब उपभोक्ताओं का दर्द छलक उठा है। किसी को अपनी बीमारी के उपचार के लिए पैसे चाहिए, तो किसी की बेटी की डोली बिना पैसे के रुकी हुई है, कई लोगों के तो बच्चे फीस के अभाव में स्कूल से बाहर कर दिए गए हैं। अधिकारी भी अब तो मौन साध गए हैं। जांच होने का हवाला देते हुए उपभोक्ताओं से अब तो बात तक नहीं की जाती है। पत्रिका टीम ने इन लोगों से बात की दर्द छलक पड़ा।
ये है मामला
ये मामला अमरिया डाकखाने का है। इस डाकखाने में आरडी और अन्य खातों में करोड़ों का घोटाला हुआ। डाककर्मी सोहन लाल इन खाताधारकों का करोड़ों रुपया लेकर गायब है और डाक विभाग मामले में कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। इस मामले में उच्चाधिकारियों तक शिकायत की गई। इसके बाद मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पत्र लिखे गए। मामला हाईकमान के संज्ञान में पहुंचा, तो जांच के आदेश हो गए। मामले की जांच चल रही है, लेकिन पीड़ितों का कहना है कि हमें जांच नहीं, हमारा पैसा वापस चाहिए।
आरटीआई से भी नहीं मिल रहा जवाब
शिकायतकर्ता एडवोकेट इसरार अहमद ने बताया कि उनके खाते से भी 3 लाख 70 हजार 704 रुपये फर्जी ढंग से निकाल लिए गए थे, जब उन्होंने आरटीआई के जरिए विभाग से पैसा निकालने में इस्तेमाल की गई विड्रोल स्लिप की कॉपी मांगी तो विभाग ने उन्हें कॉपी देने से मना कर दिया। 50 से भी अधिक लोगों का करोड़ों रुपए खाते से गायब हो जाना और उसके बाद सिर्फ जांच का आश्वासन देकर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि कोई सुनवाई नहीं हो रही है। वहीं इरशाद का कहना है कि अधिकारी सो गए हैं।
Published on:
25 Oct 2018 02:04 pm
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