
जनता बेताब, कब मिलेंगे सांसद जी
पीलीभीत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही अपने सांसदों को अपने क्षेत्र में रहने की नसीहत दे रहे हों, पर जमीनी हकीकत अभी भी कोसों दूर है। बात पीलीभीत की करें तो यहां के संसाद वरुण गांधी सिर्फ महीने में एक बार आते हैं। वह भी पांच दिनों के लिए... अगर इससे इतर किसी को सांसद जी से मिलना हो तो उसे दिल्ली का रास्ता देखना होता है।
जनता के लिए कार्यालय
हालांकि जनता की बात सुनने के लिए पीलीभीत शहर में एक कार्यालय बनाया गया है। जहां पीलीभीत जिले की चारों विधानसभा के लोग अपनी परियाद लेकर आते हैं। यहां सासंद जी के छः नुमाइंदों को बैठाला गया है। जो सुबह दस बजे से 5 बजे तक कार्यालय पर बैठकर जनता की समस्या को अधिकारियों तक पहुंचते हैं और समाधान में जुटे रहते हैं। सांसद प्रतिनिधियों की मानें तो जनता समस्या का तुरंत निवारण के लिए ये लोग हर समय तैयार रहते हैं। वहीं स्थानीय लोगों की मानें तो जिले की सबसे बड़ी समस्या सांसद की गैर मौजूदगी है। क्योंकि हर समस्या का समाधान प्रतिनिधि नहीं कर पाते और सांसद से मुलाकात करने दिल्ली जाना पड़ता है। जिसमें घोर असुविधा होती है साथ ही अच्छा खासा पैसा भी जनता की जेब से खर्च हो जाता है।
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पूरे जिले में नियुक्त हैं प्रतिनिधि
वरुण गांधी के प्रवक्ता एमआर मलिक कहते हैं कि जनता की समस्याओं के लिए पूरे जिले में प्रतिनिधि बने हुए हैं जो क्षेत्र में रहकर जनता की समस्याओं का समाधान करते हैं।
Published on:
17 Jul 2019 03:30 pm
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