उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के लिए आवेदन मांगे गए हैं। ये योजना पीलीभीत में जिला उद्योग प्रोत्साहन व उद्यमिता विकास केंद्र की तरफ से कई कैटेगरी के कारीगरों के लिए निकाली गई है। आवेदन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर है।
उत्तर प्रदेश के कारीगरों के लिए प्रदेश सरकार ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ लेकर आई है। ये योजना पीलीभीत में जिला उद्योग प्रोत्साहन व उद्यमिता विकास केंद्र की तरफ से कई कैटेगरी के कारीगरों के लिए निकाली गई है। जिसके तहत प्रवासी मजदूरों और पारंपरिक कारीगरों को खुद का रोजगार शुरू करने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही उन्हें छह दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही टूल किट भी प्रदान की जाएगी। प्रदेश सरकार की तरफ से इस योजना के लिए आवेदन मांगे गए हैं। यदि आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो तुरंत आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए अंतिम तिथि 10 अक्टूबर तय की गई है।
कारीगरों को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण और किट
बता दें कि पीलीभीत में रहने वाले बढ़ई, राजमिस्त्री, नाई, दर्जी, हलवाई, सुनार, लोहार और टोकरी बुनकर कारीगर ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको प्रशासन की तरफ से जारी की गई वेबसाइट http://www.diupmsme.upsdc.gov.in पर जाकर आवेदन करना होगा। 18 साल की उम्र से अधिक कोई भी इच्छुक कारीगर इस वेबसाइट पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकता है। कारीगरों द्वारा आवेदन करने के बाद ही योजना के लिए चयन की प्रक्रिया की जाएगी। जिसके बाद चुने गए कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण व किट भी दी जाएगी।
योजना के लिए जाति एक मात्र आधार नहीं होगी
हालांकि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का लाभ परिवार के एक ही सदस्य को मिल सकेगा जो इस योजना में पात्र होगा (परिवार का आशय पति एवं पत्नी से है) योजना के लिए जाति एक मात्र आधार नहीं होगी। वहीं आवेदककर्ता को प्रधान और नगर पंचायत, नगर पालिका के बार्ड द्वारा प्रदत्त प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। हस्त शिल्प पहचान पत्र धारक को प्रमाण-पत्र की आवश्यकता नहीं होगी। कारीगर प्रदेश सरकार की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए पीलीभीत के जिला उद्योग प्रोत्साहन व उद्यमिता विकास केंद्र जा सकते हैं। या फिर 7068925706 पर सम्पर्क कर सकते हैं।