जम्मू-कश्मीर: अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार फारूक अब्दुल्ला से मिले नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता

जम्मू-कश्मीर: अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार फारूक अब्दुल्ला से मिले नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता
जम्मू-कश्मीर: अनुच्छेद 370 हटने के बाद पहली बार फारूक अब्दुल्ला से मिले नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता

Prashant Kumar Jha | Publish: Oct, 06 2019 01:21:48 PM (IST) | Updated: Oct, 07 2019 01:30:02 PM (IST) राजनीति

  • अनुच्छेद 370 हटने के 2 महीने बाद कैमरे के सामने आए फारूक अब्दुल्ला
  • PSA के तहत फारूक अब्दुल्ला नजरबंद
  • अभी रिहाई की उम्मीद नहीं

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद से नजरबंद नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला आज अपनी पार्टी के नेताओं से मिले। श्रीनगर में नेशनल कॉन्फ्रेंस का एक प्रतिनिधिमंडल उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान वो काफी प्रसन्न दिख रहे थे। फारूक अब्दुल्ला पीएसए कानून के तहत हिरासत में लिए गए हैं।

PSA के तहत नजरबंद हैं फारूक अब्दुल्ला

बता दें कि 4 अगस्त को फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती को प्रशासन ने नजरबंद कर दिया था। फारूक अब्दुल्ला अपने आवास पर ही नजरबंद हैं। जबकि उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को स्टेट गेस्ट हाउस में नजरबंद किया गया है।

वहीं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नजरबंद नेता उमर अब्दुल्ला से पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पहले ही मिल चुका है। बता दें कि केंद्र सरकार के गृहमंत्रालय ने जम्मू कश्मीर में एहतियात के तौर पर इन तीनों नेताओं के अलावा कई नेताओं को नजरबंद कर दिया था।

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जम्मू और घाटी में कई नेताओं की रिहाई

गौरतलब है कि पिछले दिनों कई नजरबंद नेताओं को रिहा कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार ने पांच अगस्त को एहतियातन हिरासत में लिए गए राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहाई शुरू कर दी थी। जम्मू प्रांत में मुख्यधारा की सियासत से जुड़े सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं को रिहा कर दिया गया है।

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तीनों नेताओं की रिहाई संभव नहीं

वहीं घाटी में भी नेताओं को रिहा करने की प्रक्रिया जारी है । लेकिन राज्य के तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को अभी रहा नहीं किया जाएगा। फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने प्रशासनिक शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है। ऐसी अटकलें हैं कि पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और नेशनल कांफ्रेंस के बड़े नेता अभी नजरबंद ही रहेंगे।

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