
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर दौरे के दूसरे दिन गृहमंत्री अमित शाह श्रीनगर स्थित आवास पर शहीद इंस्पेक्टर अरशद खान के परिजनों से मुलाकात की। शहीद अरशद खान के परिजनों से मुलाकात के बाद प्रदेश के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ( Governor Satyapal Malik ) की अगुवाई वाली बैठक में गृह मंत्री अमित शाह ( home minister amit shah ) सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। दूसरी तरफ गृह मंत्री अमित शाह ने अभी तक अलगाववादियों से बातचीत के कोई संकेत नहीं दिए हैं ।
बेकार नहीं जाएगा अरशद का बलिदान- शाह
जम्मू-कश्मीर ( Jammu-Kashmir ) के दौरे के दूसरे दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ( Union Home minister Amit Shah ) सबसे पहले श्रीनगर में अनंतनाग के एसएचओ और आतंकी हमले में मारे गए अरशद खान ( Arshad Khan ) के घर पहुंचकर उनके परिवारवालों से मिले। अरशद के परिवार से मुलाकात के बाद अमित शाह ने ट्वीट किया कि दुखी परिवार के घर पहुंचकर उनके परिजनों के साथ अपनी संवेदना जताई है। शहीद अरशद ने देश के लिए अपना बलिदान दिया है। देश को शहीद अरशद के साहस और पराक्रम पर गर्व उन्होंने कहा है कि हम अरशद का बलिदान को बेकार नहीं जाने देंगे। बता दें कि 12 जून को अनंतनाग में आतंकी हमले में अरशद ने अपनी जान गंवाई थी।
राज्यपाल अलगाववादियों से बातचीत के पक्षधर
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राज्यपाल सत्यपाल मलिक ( Governor Satyapal Malik ) और गृह मंत्री कश्मीरी अलगाववादी नेताओं से बातचीत के मामले में एकमत नहीं हैं। जबकि राज्यपाल मलिक केंद्र और अलगाववादियों के बीच बातचीत पर गतिरोध को तोड़ने के पक्षधर हैं। वह निकट भविष्य में ऐसी संभावना बनाए जाने की बात कर रहे हैं। मलिक आतंकवाद की कमर तोड़ने के साथ ही अलगाववादियों के साथ खुले तौर पर बातचीत के समर्थक रहे हैं।
समझौता के लिए नहीं मिला जनादेश
सत्यपाल मलिक की अलगाववादियों ( Separatist ) से बातचीत वाली सोच केंद्र में भाजपा नेतृत्व वाली राजग सरकार की छवि से मेल नहीं खाती है। मोदी सरकार 2.0 ( Modi government 2.0 ) का मानना है कि भाजपा को कश्मीर में अलगाववादी नेताओं और आतंकवाद से सख्ती व बिना समझौता किए निपटने के लिए भारी जनादेश मिला है।
हिंसा के खिलाफ सख्ती के संकेत
बताया जा रहा है कि गृह मंत्री अमित शाह अलगाववादी नेताओं के साथ बातचीत को लेकर जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाना चाहते हैं। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया है कि शाह अलगाववादी नेतृत्व से हाथ मिलाने के बजाय अलगाववादी हिंसा से लड़कर सूबे में शांति लाने पर ज्यादा ध्यान देंगे। इससे यह छाप भी छोड़ी जा सकेगी कि दिल्ली की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पहले की व्यवस्थाओं से अलग है।
सतर्कता बरतने के निर्देश
बता दें कि गृह मंत्री बनने के बाद अमित शाह राज्य के पहले आधिकारिक दौरे पर पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि अमित शाह बाबा बर्फानी के दर्शन भी करेंगे। उन्होंने अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षा बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस ( Jammu-Kashmir police ) को हर स्तर पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
Updated on:
27 Jun 2019 01:06 pm
Published on:
27 Jun 2019 08:48 am
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