29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का ममता बनर्जी पर पलटवार, कहा- पश्चिम बंगाल में है सुपर इमरजेंसी

टीएमसी के नेता इमरजेंसी की परिभाषा सही तरह से नहीं जानते हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Dhirendra Kumar Mishra

•

Updated: 3 Aug 2018, 3:05 PM IST

anant

केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का ममता बनर्जी पर पलटवार, कहा- पश्चिम बंगाल में है सुपर इमरजेंसी

नई दिल्‍ली। केंद्र सरकार में संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर पलटवार किया है। उन्‍होंने सीएम के इमरजेंसी वाले बयान पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जो है सुपर इमरजेंसी है। आपको बता दें कि एनआरसी के मुद्दे को लेकर भाजपा और टीएमसी के नेता एक दूसरे पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। यही कारण है कि असम से लेकर संसद तक एनआरसी को लेकर राजनीतिक गरमाई हुई है। असम में रैली की अनुमति न दिए जाने से नाराज ममता बनर्जी ने कहा था कि मोदी सरकार के कार्यकाल में इमरजेंसी की स्थिति है। इस मुद्दे पर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को ही अपने निशाने पर ले लिया है।

इमरजेंसी की परिभाषा नहीं जानते टीएमसी नेता
अनंत कुमार ने आज संसद भवन पहुंचते ही असम में टीएमसी के प्रदर्शन को लेकर ममता बनर्जी और उनकी पार्टी को निशाने पर ले लिया। अनंत कुमार ने कहा कि सीएम ममता बनर्जी और टीएमसी के नेता इमरजेंसी की परिभाषा सही तरह से नहीं जानते हैं। आज के दिन में पश्चिम बंगाल में जो है वह सुपर इमरजेंसी है।

सीएम ममता ने क्‍या कहा
गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि भाजपा के शासन में देश पर सुपर इमरजेंसी थोप दी गई है। ममता बनर्जी ने यह प्रतिक्रिया असम के सिलचर एयरपोर्ट पर टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई धक्का-मुक्की पर दी थी। अनंत कुमार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सिलचर में एनआरसी के चीफ कोऑर्डिनेटर को नियुक्त किया था, उन्होंने राज्य सरकार से कहा था कि वहां कोई पब्लिक मीटिंग नहीं होनी चाहिए। राज्य सरकार ने सारे माननीय सांसदों को पब्लिक मीटिंग करने से रोका। लेकिन बाकी कोई भी पाबंदी नहीं थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली का हवाई टिकट तैयार करके उनसे कई बार निवेदन किया गया है। लेकिन वो वहां से जाने के लिए तैयार नहीं थे। उनको हिरासत में लिया गया। वह दिल्ली आकर संसद की कार्यवाही में भाग ले सकते थे, लेकिन वे पब्लिक मीटिंग करने के लिए अड़े रहे. कांग्रेस और ममता ने क्या किया ये पूरे देश के सामने हैं।