
शुरुआती दिनों से अरविंद केजरीवाल का एलजी से रहा है छत्तीस का आंकड़ा
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार और एलजी के बीच चल रही अधिकारों की जंग में सुप्रीम कोर्ट ने एलजी को झटका दिया है। सूनवाई के दौरान पांच जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से कहा कि असली ताकत मंत्रिपरिषद के पास है। लेकिन दिल्ली सरकार को हर मामले को उप-राज्यपाल से भी अवगत कराना चाहिए। कोर्ट ने दिल्ली सरकार और एलजी को आपसी तालमेल से काम करने की सलाह भी दी। आपको बता दें कि दिल्ली सरकार यानी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का दिल्ली के राज्यपाल के साथ विवाद कोई नया नहीं है। इससे पहले भी कई बार दिल्ली मुख्यमंत्री और उप-राज्यपालों के बीच की खिंचतान सामने आई है।
दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार बनने के बाद से दो उप-राज्यपाल आए। दोनों के साथ ही केजरीवाल की नहीं बनी। दिल्ली सरकार और उप-राज्यपाल के बीच जंग का दौर पूर्व उप-राज्यपाल नजीब जंग के दौर से ही शुरू हुआ था। एलजी से राज्य सरकार के बीच की जंग तब से अब तक चल रही है। इस दौरान नजीब जंग की जगह अनिल बैजल ने दिल्ली के उप-राज्यपाल की कमान संभाल ली, लेकिन ये खिंचतान अभी तक बंद नहीं हुई है। केजरीवाल और दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल के बीच में आए दिन टकराव के ख़बरे सामने आती रहती है। तो चलिए पहले नजर डालते हैं केजरीवाल और नजीब जंग के बीच की जंग पर---
दिल्ली महिला आयोग की नियुक्ती को लेकर विवाद
दिल्ली सरकार और राज्यपाल के बीच की जंग पूर्व राज्यपाल नजीब जंग के साथ सबसे पहले शुरू हुई थी। दोनों के बीच विवाद उस समय ज्यादा चर्चा में आया जब दिल्ली महिला आयोग में दिलराज कौर की नियुक्ति को दिल्ली सीएम ने रद्द कर दिया था। इसके बाद एलजी हाउस ने दिल्ली सरकार द्वारा राज्य के लोगों की समस्याएं और उनका समाधान करने के लिए बनाए गए दिल्ली डायलॉग कमिशन (डीडीसी) से जुड़ी फाइलें मांगी थीं। वहीं, दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल की नियुक्ति को लेकर भी सीएम केजरीवाल और एलजी नजीब जंग आमने-सामने थे।
दिल्ली सरकार के काम पर नजर
नजीब जंग के समय मामला उस वक्त भी बहुत ज्यादा गर्मा गया था, जब उप-राज्यपाल ने दिल्ली सरकरा के फैसलों पर नजर रखने के लिए तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई थी। बता दें कि यह कमेटी दिल्ली सरकार की 400 फाइलों की जांच के लिए बनाई गई थी। इसे लेकर केजरीवाल और नजीब जंग के बीच काफी झड़प सामने आई थी। वहीं, डीईआरसी प्रमुख को हटाए जाने को लेकर भी दिल्ली के मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच जंग छिड़ गई थी।
अनिल बैजल के साथ केजरीवाल की जंग
उप-राज्यपाल अनिल बैजल को लेकर मुख्यमंत्री केजरीवाल के बीच विवाद अधिकारों को लेकर है। लोनों के बीच इस बात की जंग चलती रहती है कि दिल्ली का असली बॉस कौन है। एलजी की तरफ से कहा जाता है कि दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश है और उसे कभी भी राज्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता। वहीं दूसरी तरफ केजरीवाल सरकार दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग कर रही है। अनील बैजल के साथ दिल्ली के सीएम विवाद उस समय भी ज्यादा जोर पकड़ा जब वे एलजी के ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान आप नेताओं ने नौं दिनों तक एलजी ऑफिस के बाहर धरना दिया। इन सब के अलावा पुलिस, कानून व्यस्था और क्षेत्राधिकार जैसे कई मामले हैं, जिसे लेकर दोनों अक्सर आमने-सामने आते रहे हैं।
Published on:
04 Jul 2018 02:22 pm
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