
महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हान का बड़ा बयान, सनातन संस्था पर प्रतिबंध लगाए केंद्र सरकार
नई दिल्ली। एटीएस की छापेमारी में मुंबई के नालासोपारा स्थित सनातन संस्था के सदस्य वैभव राउत के घर और दुकान से भारी मात्रा में बम और विस्फोटक बरामद होने के बाद महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस हिंदूवादी संगठन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्ष संस्थानों की ताकतों को कमजोर करने और विपक्षी एकता को तोड़ने में इस संस्था का बहुत बड़ा हाथ रहा है। इस संस्था के घर से बम बरामद होने के बाद से साफ हो गया है कि यह आतंकी गतिविधियों में शामिल है। बता दें कि एटीएस ने सनातन संस्था के एक सदस्य के घर से 20 बम और विस्फोटक बरामद हुए हैं। इस मामले में वैभव राउत और सनातन संस्थान से अन्य दो से तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
एटीएस ने की थी प्रतिबंध लगाने की मांग
इससे पहले मालेगांव में साल 2006 और 2008 में हुए बम ब्लास्ट में अभिनव भारत के साथ साथ हिंदू राइट विंग पर भी सवाल उठे थे। उस समय सनातन संस्था का नाम भी सामने आया था। यही नहीं जब 2007 में वाशी, ठाणे, पनवेल और 2009 में गोवा बम ब्लास्ट हुआ था तब पुलिस ने इस संस्थान से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया था। इस घटना के बाद एटीएस ने साल 2011 में राज्य गृह विभाग को प्रस्ताव भेज कर यह मांग की थी कि ब्लास्ट के पीछे सनातन संस्था का हाथ है इसीलिए इस संस्था पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। इस संस्था पर 2013 में नरेंद्र दाभोलकर, 2015 में गोविंद पानसरे के साथ कलबुर्गी और गौरी लंकेश की हत्या से भी नाम होने का आरोप लगा।
सरकार ने की सबूत न होने की बात
सनातन संस्था के सदस्य के घर से बम बरामद होने के बाद से विपक्षी दलों का दबाव राज्य और केंद्र सरकार पर बढ़ गया है। इस बारे में गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने राज्यसभा में यह जानकारी दी थी की गोविंद पंसारे, नरेंद्र दाभोलकर और एमएम कलबुर्गी की हत्याओं के बीच सनातन संस्था का किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं हैं। साथ में उन्होंने यह भी कहा था की इस संस्था पर प्रतिबंध लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
दोषी साबित होने पर करेंगे कार्रवाई
इस घटना के विपक्षी हमलों को देखते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सबूत मिलने व दोष साबित होने पर इस संस्था के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। दूसरी तरफ विपक्ष का कहना है कि इस संस्था को सरकार का समर्थन है। इसीलिए इसे बैन नहीं किया जा रहा है।
विवादों से है गहरा नाता
आपको बता दें कि एटीएस द्वारा मारे गई छापेमारी में सनातन संस्था के सदस्य वैभव राउत के घर और दुकान से भारी मात्रा में देशी बम, डेटोनेटर और बम बनाने की सामग्री बरामद होने से एक बार फिर इस संस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सनातन संस्था का गठन साल 1990 में जयंत बालाजी अठावले द्वारा किया गया था। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य आध्यात्म, शिक्षा और धर्म का प्रचार प्रसार करना था। गोवा की राजधानी पणजी में सनातन संस्था का मुख्यालय बना है।
Published on:
12 Aug 2018 12:08 pm
