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2019 की तैयारी: आंध्र प्रदेश के बाद इन दो भाजपा शासित राज्यों में बदले गए प्रदेश अध्यक्ष

मध्यप्रदेश और राजस्थान से पहले आंध्र प्रदेश में बीजेपी अध्यक्ष ने अपना इस्तीफा दिया था। माना जा रहा है कि आगामी चुनावों को लेकर ये फैसला लिया गया है।

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Kapil Tiwari

Apr 18, 2018

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नई दिल्ली। मौजूदा समय में बीजेपी शासित कुछ राज्य ऐसे हैं, जहां पर अगले चुनावों में पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसे ही दो राज्यों में मध्यप्रदेश और राजस्थान का नाम शामिल है। जहां पिछले काफी समय से हालात और चीजें राज्य सरकार के खिलाफ हो रही हैं। इसको ध्यान में रखते हुए पार्टी हाईकमान ने दोनों ही राज्यों में बड़े बदलाव किए हैं। दरअसल, बीजेपी ने दोनों ही राज्यों में अपने प्रदेश अध्यक्षों को बदल दिया है।

मंगलवार को आंध्र प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष ने दिया था इस्तीफा
इससे पहले मंगलवार को आंध्रप्रदेश में भी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने इस्तीफा दे दिया था। आंध्र प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष कंभमपाटी हरिबाबू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपना इस्तीफा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भेज दिया था। राजस्थान और मध्यप्रदेश की तरह ही यहां भी पिछले कुछ समय से बीजेपी के लिए हालात ठीक नहीं हैं। टीडीपी के द्वारा आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य के दर्जे की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन से भारतीय जनता पार्टी की छवि धूमिल हुई है। आपको बता दें कि यहां बीजेपी और टीडीपी का गठबंधन है।

राकेश सिंह बने एमपी के नए प्रदेश अध्यक्ष
बात करें राजस्थान की तो बीजेपी के अध्यक्ष अशोर परनामी को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया है। वहीं मध्यप्रदेश में भी पार्टी हाईकमान ने नंदकुमार सिंह चौहान की जगह सांसद राकेश सिंह को एमपी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं राजस्थान में अभी किसी चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाया गया है। एमपी में राकेश सिंह जबलपुर से ही सांसद हैं।

2019 लोकसभा और विधानसभा चुनावों की है तैयारी
एकदम से लिया गया ये फैसला सभी के लिए हैरान करने वाला है, लेकिन इन दोनों ही राज्यों पर केंद्रीय संगठन की नजर थी। माना ये भी जा रहा है कि यहां होने वाले विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर भी ये फैसला लिया गया है। कुछ इस तरह ही आंध्र प्रदेश में भी टीडीपी ने बीजेपी की छवि को काफी नुकसान पहुंचाया है। आंध्र प्रदेश के बाद राजस्थान और मध्यप्रदेश में केंद्रीय संगठन की तरफ से लिया गया ये फैसला आगामी चुनावों में सियासी समीकरणों को ध्यान में रखकर लिया गया है।


राजस्थान और मध्यप्रदेश में प्रदेश अध्यक्षों को बदले जाने के पीछे की एक वजह उपचुनावों में हुई हार को भी माना जा रहा है। आपको बता दें कि राजस्थान में बीजेपी का 3 सीटों पर हुए उपचुनाव में प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा था।