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हैदराबाद में विरोध प्रदर्शन नाकाम करने के लिए भाजपा नेताओं को किया नजरबंद

डीके अरुणा, रामचंद्र राव, राजा सिंह, मोटकुपल्ली नरसिम्हुलु जैसे नेता घर में नजरबंद अरुणा के आवास पर घर से निकलने से पहले रोकने के लिए पुलिस को किया गया था तैनात

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BJP leaders under house arrest for thwarting protests in Hyderabad

BJP leaders under house arrest for thwarting protests in Hyderabad

नई दिल्ली। हैदराबाद पुलिस ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर विरोध प्रदर्शन करने की भाजपा की कथित योजना को विफल करने के लिए पार्टी के नेताओं को घर में नजरबंद कर दिया। इन खबरों के बीच कि भाजपा नेताओं ने 'प्रगति भवन' का घेराव करने की योजना बनाई है, पुलिस ने भाजपा उपाध्यक्ष डीके अरुणा, तेलंगाना विधान परिषद के सदस्य रामचंद्र राव, पार्टी के एकमात्र विधायक राजा सिंह, मोटकुपल्ली नरसिम्हुलु और अन्य को घर में नजरबंद कर दिया।

अरुणा के आवास पर उन्हें घर से निकलने से पहले रोकने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि उन्हें 3 नवंबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रचार करने के लिए दुब्बक रवाना होना है। रामचंद्र राव ने नजरबंदी को लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने कहा कि सिद्दीपेट में हुई घटनाओं के संबंध में शिकायत करने के लिए भाजपा नेताओं को मुख्य निर्वाचन अधिकारी और राज्यपाल से मिलने की आजादी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) सरकार दुब्बक में भाजपा की जीत की संभावनाओं को लेकर चिंतित है। पुलिस के साथ सिद्दीपेट तहसीलदार और कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने भाजपा उम्मीदवार के एक रिश्तेदार के घर से 18.67 लाख रुपये जब्त किए थे। पुलिस ने कहा कि रघुनंदन राव के कुछ समर्थक पुलिस अधिकारियों और बरामद पैसों पर झपट पड़े और नकदी का हिस्सा छीन लिया।

घटना से शहर में तनाव फैल गया। पुलिस ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बांदी संजय को सिद्दीपेट में घुसने से रोका और जबरन उन्हें करीमनगर वापस भेज दिया। कुछ अन्य भाजपा नेताओं को भी हिरासत में ले लिया गया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी सोमवार रात शहर पहुंचे और नकदी बरामदगी के दौरान घटना में कथित रूप से घायल हुए एक भाजपा कार्यकर्ता से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि टीआरएस चिंतित है क्योंकि भाजपा उपचुनाव में जीत की ओर बढ़ रही है।

इस बीच, बांदी संजय ने करीमनगर में अपने कार्यालय में अपना विरोध जारी रखा। उन्होंने सिद्दीपेट के पुलिस आयुक्त जोएल डेविस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी ने शिष्टाचार नहीं दिखाया और जब वह जा रहे थे तो उन्हें वहां से भगा दिया। करीमनगर सांसद ने पुलिस आयुक्त को निलंबित करने और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की। भाजपा सूत्रों ने बताया कि संजय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात की और उन्हें सिद्दीपेट में हुई घटनाओं से अवगत कराया है।