25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भाजपा प्रवक्‍ता संबित पात्रा का आरोप, नेशनल हेराल्ड केस को दबाने के लिए कांग्रेस ने किया भारत बंद

कांग्रेस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि केंद्र सरकार बदले की भावना से काम कर रही है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Dhirendra Kumar Mishra

•

Updated: 11 Sep 2018, 8:07 AM IST

patra

भाजपा प्रवक्‍ता संबित पात्रा का आरोप, नेशनल हेराल्ड केस को दबाने के लिए कांग्रेस ने किया भारत बंद

नई दिल्‍ली। अब कांग्रेस के भारत बंद पर राजनीति शुरू हो गई है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने नेशरल हेराल्‍ड मामले में हाईकोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि यह मोदी सरकार के भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की जीत है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि कांग्रेस द्वारा बुलाए गए भारत बंद की असली वजह यही थी। कांग्रेस के नेताओं को पता था कि हाईकोर्ट का निर्णय उनके खिलाफ आने वाला है। इन बातों से जनता का ध्‍यान भटकाने के लिए कांग्रेस ने भारत बंद का आह्वान किया था।

कांग्रेस का पलटवार
भाजपा प्रवक्‍ता पात्रा द्वारा भारत बंद को नेशनल हेराल्ड केस से जोड़ने पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पलटवार करते किया है। उन्‍होंने कहा कि बंद की सफलता से मोदी सरकार घबरा गई है। केंद्र सरकार अब बदले की भावना से काम कर रही है। कांग्रेस प्रवक्‍ता सुरजेवाला ने का कहना है कि हमारी पार्टी सरकार की गीदड़ भभकियों से डरकर नेशनल हेराल्ड को छपना बंद नहीं करेगी।

राहत देने से इनकार
इससे पहले सोमवार को भारत बंद के बीच दिल्‍ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी को बड़ा झटका दिया। नेशनल हेराल्‍ड मामले में हाईकोर्ट ने नेशनल हेराल्ड आयकर नोटिस मामले में राहत देने से इनकार कर दिया है। इससे कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऐसा इसलिए कि इस मामले में यूपीए अध्‍यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी के फंसने की संभावना है। जस्टिस एस रवीन्द्र भट्ट और जस्टिस ए के चावला की खंडपीठ ने इस मामले में राहुल गांधी, सोनिया गांधी और ऑस्कर फर्नांडिस की अपील खारिज कर दी है।

कांग्रेस के पास अब दो विकल्‍प
दिल्‍ली हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद राहुल गांधी, सोनिया गांधी और ऑस्कर फर्नांडिस के पास दो विकल्‍प हैं। या तो हाईकोर्ट के आदेश पर अब ये आयकर विभाग के सामने पेश हों और अपनी दलीलें व तथ्य रखें या फिर दूसरा रास्ता सुप्रीम कोर्ट जाता है। जहां दिल्ली हाइकोर्ट के इस आदेश को चुनौती दें।

कांग्रेस का तर्क खारिज
आपको बता दें कि यह मामला 2011-12 का है। जब राहुल गांधी, सोनिया गांधी और ऑस्कर फर्नांडिस ने अपने आयकर रिटर्न फाइल कर दिए थे। लेकिन 2018 में आयकर विभाग द्वारा इस रिटर्न की फाइल की फिर से जांच करने का नोटिस आ गया। विभाग की दलील है कि इन तीनों ने नेशनल हेराल्ड के नवजीवन ट्रस्ट के हाथों टेक ओवर का जिक्र अपने रिटर्न में कहीं नहीं किया। इसलिए सवाल यह है कि नेशनल हेराल्‍ड से आय का मामला सामने नहीं आया। आयकर विभाग के इसी नोटिस को राहुल गांधी, सोनिया गांधी और ऑस्कर फर्नांडिस की तरफ से चुनौती दी गई थी। कांग्रेस ने इस मामले में दलील दी कि नवजीवन एक चैरिटेबल ट्रस्ट है, जो नो प्रॉफिट नो लॉस पर आधारित है, लिहाजा आय किस बात की। इसलिए इसका जिक्र करना जरूरी नहीं था। जबकि आयकर विभाग इस ट्रांजेक्शन को इस नजरिए से नहीं देख रहा। कांग्रेस की एक दलील ये भी है कि छह साल तक आयकर विभाग ने कोई सुध नहीं ली और छह साल की अंतिम सीमा पूरी होने से एक दिन पहले नोटिस भेजा। उसमे भी प्रक्रिया संबंधित कई खामियां हैं। इस मामले में कोर्ट ने साफ कह दिया कि यह दलीलें तो अब आयकर अधिकारियों के सामने ही चलेंगी। दोनों के खिलाफ नेशनल हेराल्ड मामले का आपराधिक मुकदमा दिल्ली की जिला अदालत पटियाला हाउस कोर्ट में चल रहा है। इस केस में राहुल और सोनिया गांधी जमानत पर हैं।