
इन बच्चों ने बढ़ाई परिवार की परंपरा, अब बढ़ाएंगे संसद की शोभा
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के चुनावों के परिणाम पुख्ता हो रहे हैं। इन परिणामों में कई नाम ऐसे भी सामने आ रहे हैं वंशवाद से निकले हैं। इनमें से कुछ नाम तो पूरी तरह से नए हैं। छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से कमलनाथ सिंह के बेटे नकुल नाथ पहली बार चुनाव लड़े और जीत भी गए। वहीं ममत बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी भी बड़ी जीत हासिल करने में काम रहे हैं। आज हम आपको ऐसे ही नामों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके पिता या माता सालों से राजनीति करते आ रहे हैं, अब उनके बच्चे इसी परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ संसद की शोभा बढ़ाएंगे।
छिंदवाड़ा से नकुलनाथ पहुंचेंगे पहली बार संसद
मध्यप्रदेश में भले ही भाजपा ने प्रचंड जीत हासिल की हो, लेकिन छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से पहली बार खड़े हुए कमलनाथ बेटे नकुलनाथ ने जीत हासिल की है। छिंदवाड़ा सीट नाथ परिवार की परंपरागत सीट मानी जाती रही है। इस बार नकुलनाथ को 587305 वोट हासिल किए हैं। उन्होंने भाजपा के नाथांशा को 549769 वोट पड़े हैं। यानी नकुलनाथ ने पहली बार चुनाव लड़कर 37 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की है।
ममता के भतीजे के लिए खुले संसद के दरवाजे
अगर बात वेस्ट बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की करें तो उन्होंने डायमंड हार्बर से जीत हासिल की है। आंकड़ों की बात करें तो बंगाल में हुए हंगामे के बीच चुनाव में अभिषेक बनर्जी को 790725 वोट मिले। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की निलांजना रॉय (470047) को 3,20,678 वोटों के बड़े अंतर से मात दी है।
रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान को भी मिली जीत
पहली बार 2014 में जमुई लोकसभा सीट से चुनाव लड़कर संसद पहुंचे चिराग पासवान का सितारा एक फिर से चमक गया है। रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान ने एक बार फिर से अपनी किस्मत को जमुई लोकसभा सीट से आजमाया और करीब 3 लाख वोटों से जीत हासिल की। चिराग पासवान को इस बार 529134 वोट मिलें हैं। वहीं उनके खिलाफ राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के भुदेव चौधरी को मात्र 288085 वोट मिले।
साहिब के बेटे का संसद में 'प्रवेश'
दिल्ली के कद्दावर नेताओं में से एक रहे साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा को एक बार फिर से जीत हासिल की है। दिल्ली में उन्होंने पिछली बार भी जीत हासिल की थी। उन्होंने कांग्रेस के महाबल मिश्रा को करीब 6 लाख वोटों से मात दी है। इस बार प्रवेश वर्मा को 864736 वोट मिले। वहीं महाबल मिश्रा 286988 वोटों पर सिमटकर रह गए।
वसुंदरा के बेटे दुष्यंत को मिली जीत
वहीं राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंदरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह को भी एकतरफा जीत हासिल हुई है। राजस्थान में क्लीन स्वीप करने वाली भाजपा के नेता दुष्यंत सिंह ने इस बार 887400 वोट हासिल किए हैं। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार प्रमोद शर्मा को 4 लाख से ज्यादा वोटों से मात दी है।
हिमाचल के पूर्व सीएम के बेटे अनुराग फिर चमके
वहीं दूसरी ओर अनुराग ठाकुर ने एक बार फिर से बाजी मारी है। अब वो पूरी तरह से परिपक्व नेता बन चुके हैं। अपने पिता की विरासत को संभाले रखने के लिए उन्हें एक फिर से टिकट दिया गया। उन्होंने भी पार्टी को निराश नहीं किया। इस बार हिमाचल के पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल अनुराग ठाकुर को इस बार 668812 वोट हासिल हुए। जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी राम लाल ठाकुर को 281000 मिले हैं।
सुल्तानपुर की जगह पीलीभीत के रास्ते संसद पहुंचेंगे वरुण
वंशवाद में नाम हमेशा वरुण गांधी का भी लिया जाता रहा है। गांधी परिवार से ताल्लुक रखने वाले और मेनका गांधी के पुत्र ने इस बार सुल्तानपुर को छोड़ पीलीभीत से चुनाव लड़ा। पीलीभीत सीट मेनका गांधी की रही है। लेकिन वरुण ने इस बार यहां भी झंडे गाड़े। उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता हेमराज वर्मा को करीब ढाई लाख वोटों से मात दी।
अमेठी से नहीं वायनाड के रास्ते संसद पहुंचेगे राहुल
वंशवाद को लेकर बीजेपी के निशाने पर हमेशा से गांधी परिवार रहा है। लेकिन इस बार अमेठी से हार के बाद राहुल गांधी वायनाड के रास्ते संसद पहुंचेंगे। पहली बार दक्षिण भारत की सीट से चुनाव लड़े राहुल गांधी को वायनाड से 706367 वोट हासिल किए हैं। उन्होंने सीपीआई के पीपी सुनीर को चार लाख से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की है।
Updated on:
23 May 2019 10:40 pm
Published on:
23 May 2019 10:17 pm
