
नई दिल्ली: CCTV मुद्दे को लेकर उप राज्यपाल के आवास के बाहर धरना पर बैठे केजरीवाल ने अपना धरना प्रदर्शन खत्म कर दिया है। दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगाने के टेंडर को रोकने के खिलाफ मुख्यमंत्री केजरीवाल धरना दे रहे थे। केजरीवाल अपने आवास से विधायकों के साथ एलजी आवास तक मार्च निकाले थे। इससे पहले ही पुलिस ने बैरिकेट्स लगाकर उन्हें रोक दिया। जिसके बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कैबिनेट के साथ सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
मंत्रियों के साथ धरने पर बैठे थे केजरीवाल
इस दौरान केजरीवाल ने उप राज्यपाल पर भेदभाव करने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने कहा कि उन्हें काम करने से रोका जा रहा है। हालांकि धरने पर बैठने के बाद एलजी ने मिलने का समय दिया। लेकिन केजरीवाल ने यह कहकर मिलने से इनकार कर दिया कि वे सभी विधायकों के साथ उप राज्यपाल से मिलेंगे। इस दौरान केजरीवाल के साथ उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, श्रम रोजगार मंत्री गोपाल राय, अलका लांबा, संजीव झा, प्रमिला टोकस, सौरभ भारद्वाज समेत कई विधायक शामिल थे।
सिसोदिया ने उप राज्यपाल को लिखा था पत्र
उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सीसीटीवी लगाने को लेकर उप-राज्यपाल की ओर से गठित कमेटी पर नाराजगी जताई। सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार को काम नहीं करने दिया जा रहा है। पार्टी के साथ भेदभाव हो रहा है। इस सिलसिले में सिसोदिा ने एलजी को पत्र लिखकर उनसे मिलने का समय मांगा था। सिसोदिया ने कहा कि चुनाव से पहले सीसीटीवी लगाने की मांग उठ रही है। लिहाजा इसे लगाने की प्लानिंग की जा रही थी। लेकिन इस पर रोक लगा दी गई है। बता दें कि राजधानी में आवासीय परिसरों और बाजारों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की योजना पर उप राज्यपाल अनिल बैजल ने एक कमेटी गठित कर दी है। सिसोदिया ने कहा कि केजरीवाल सरकार की योजना क्रियान्वित नहीं हो इसकी साजिश चल रही है। सिसोदिया ने कहा कि राजधानी में अपराध बढ़ रहे हैं इसपर कोई रोक नहीं है। लेकिन आप के कामों को रोकने की पूरी कोशिश की जा रही है।
Published on:
14 May 2018 07:43 pm
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