
कांग्रेस का PM मोदी पर हमला, साहेब की घबराहट बता रही है कि वे तोते का दम निकाल कर ही दम लेंगे?
नई दिल्ली। सीबीआई के डायरेक्टर आलोक वर्मा की 'जासूसी' के सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि गुरुवार को उनके घर के बाहर चार संदिग्ध धरे गए। यह लोग घर के भीतर ताक-झांक करने की कोशिश कर रहे थे। आलोक वर्मा के सुरक्षाकर्मियों ने चारों संदिग्धों को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने धीरज, अजय, प्रशांत और विनीत नामक चारों संदिग्धों से पूछताछ की। मीडिया में आई खबरों की मानें तो चारों इंटेलिजेंस ब्यूरो के लोग थे। उनके पास से आईबी का कार्ड भी निकला। हालांकि गृह मंत्रालय ने जासूसी के शक को खारिज कर दिया। भले ही जासूसी की खबरों का खंडन किया गया हो लेकिन एक बार फिर से मोदी सरकार की किरकरी हुई है।
विपक्ष ने इस खबर को भी लपका और सीधा मोदी सरकार पर निशाना साधा। रणदीप सुरजेवाला ने कहा, " साहेब की घबराहट बता रही है कि वे तोते का दम निकाल कर ही दम लेंगे?। उन्होंने लिखा, "राजधानी की हवा ज़्यादा ज़हरीली है...या साहेब की सियासत ....? साहेब की घबराहट बता रही है कि वे तोते का दम निकाल कर ही दम लेंगे? सुरजेवाला ने #CBIRafaleGate का भी इस्तेमाल किया।
विपक्ष ने साधा निशाना
सीबीआई में मचे घमासान पर विपक्ष मोदी सरकार पर लगातार हमला कर रहा है। वामपंथी नेता सीता राम येचुरी, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव समेत कई विपक्ष के नेताओं ने आरोप लगाए हैं कि सरकार संवैधानिक संस्थानों को बर्बाद कर रही है।
राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल ने तो इस विवाद को राफेल विमान डील की जांच से ही जोड़ दिया। कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि आलोक वर्मा रफाल डील की जांच शुरू करने वाले थे इसलिए उन्हें हटा दिया गया और उनके अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया। बता दें कि सीबीआई में नंबर दो पर रहे राकेश अस्थाना पीएम मोदी के करीबी माने जाते हैं।
Published on:
25 Oct 2018 01:19 pm
