
CPI नेता डी राजा ने दी मोदी सरकार को चुनौती, हिम्मत है तो निजी क्षेत्र में बिल लाकर दिखाएं
नई दिल्ली। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के राज्यसभा सांसद डी राजा सवर्ण आरक्षण बिल पर जमकर बरसे। उन्होंने इस बिल को जल्दबाजी में लाया गया अधूरा बिल करार दिया। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि इस बिल से किसी को सामाजिक न्याय नहीं मिलेगा। उन्होंने जल्दबाजी में लाए गए इस बिल का न केवल जोरदार तरीके से विरोध किया बल्कि यहां तक कह दिया कि मोदी सरकार में हिम्मत है तो निजी क्षेत्र में इसी तरह का बिल लाकर दिखाए।
आर्थिक आरक्षण संविधान के खिलाफ
सीपीआई सांसद डी राजा ने कहा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण संविधान की आत्मा के खिलाफ है। संविधान में कहीं भी आर्थिक आधार पर आरक्षण का प्रावधान नहीं है। उन्होंने मोदी सरकार से सवाल किया कि आखिर आप किस तरह का भारत बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान में सामाजिक पिछड़ेपन के लिए आरक्षण का प्रावधान है। कहीं भी आर्थिक आधार पर आरक्षण का जिक्र नहीं है। राजा ने कहा कि आप हर बिजनेस हाउस को सपोर्ट करते हैं अगर हिम्मत है तो प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण का बिल लेकर आएं। हम उसका समर्थन करने के लिए तैयार हैं।
हमने लड़ी गरीबों की लड़ाई
उन्होंने कहा कि वामपंथियों ने हमेशा से गरीबों की लड़ाई लड़ी है और समाज में बराबरी, सामाजिक न्याय के लिए सड़कों पर उतरे हैं। कोई हमें ये नबताए कि इससे गरीब सवर्णों का हित होगा या अहित। कम्युनिस्ट ने सभी वर्गों के हितों की चिंता हमेशा से की है। केरल में पहले से ही सवर्णों को आरक्षण मिला हुआ है। ये कम्युनिस्ट सरकार की ही देन है। लेकिन जिस तरह से मोदी सरकार ने यह बिल लाने काम किया है उसमा मैं विरोध करता हूं।
Updated on:
10 Jan 2019 11:16 am
Published on:
10 Jan 2019 10:17 am
