
दिल्ली दंगे पर लोकसभा में आज हो सकती है चर्चा।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार बुधवार को लोकसभा ( Loksabha ) में दिल्ली के दंगों ( Delhi Violence ) पर अपने वादे के मुताबिक संसद में चर्चा के लिए तैयार हो गई है। बुधवार को लोकसभा में इसकी शुरुआत होगी। दिल्ली दंगे पर चर्चा नियम-193 ( Rules-193 ) के तहत होगी। चर्चा का जवाब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह देंगे। इसके बावजूद विपक्ष के पूरी तरह शांत होने की उम्मीद बहुत कम है। बताया जा रहा है कि बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ सकता है।
बता दें कि संसद के बजट सत्र ( Budget Session-2 ) के दूसरे भाग की कार्यवाही शुरू होने के समय से ही विपक्ष इस पर चर्चा के लिए हंगामा कर रहा था लेकिन तब सरकार ने इससे यह कहते हुए इंकार कर दिया था कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती तब तक इस मुद्दे पर संसद में चर्चा नहीं करवाई जा सकती। तब सरकार और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ( Loksabha Speaker Om Birla ) ने होली के बाद इस पर चर्चा करवाने का भरोसा दिया था।
विपक्ष के निशाने पर हैं अमित शाह
विपक्ष दिल्ली दंगों की चर्चा के बहाने खास तौर पर गृह मंत्री अमित शाह ( Home Minister Amit Shah ) पर हमला बोलेगा। विपक्ष लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि दिल्ली की हिंसा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली दिल्ली पुलिस ने अपना काम ईमानदारी से नहीं किया और हिंसा को रोकने में नाकाम रही। दिल्ली दंगों पर चर्चा के दौरान सरकार जहां कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बयानों को भड़काऊ बताते हुए उन पर हमला बोलेगी, वहीं दिल्ली की सत्तारुढ़ आम आदमी पार्टी ( AAP ) के नेताओं को इसके लिए जवाबदेह बताएगी। गृह मंत्री इस मामले में दिल्ली पुलिस के काम की तारीफ करते हुए विपक्ष के आरोपों को आधारहीन साबित करने की कोशिश करेंगे।
यस बैंक के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी
इस बीच विपक्ष के हाथ सरकार को घेरने का एक और मुद्दा लग गया है। देश के चौथे सबसे बड़े प्राइवेट बैंक यस बैंक ( Yes Bank ) के गतिरोध के बाद वह इस मुद्दे पर भी सरकार को संसद में घेरने की कोशिश करेगा। विपक्ष का कहना है कि पिछले छह साल के दौरान यस बैंक की स्थिति लगातार बिगड़ती रही और इसने डूबती कंपनियों को बड़े-बड़े कर्ज देने जारी रखे। इस पर सरकार और नियामक एजेंसियों की नजर क्यों नहीं पड़ी?
सरकार सदन से 5 बिल करवाना चाहेगी पास
सरकार की ओर से पेश किए गए एजेंडे के मुताबिक लोकसभा में एयरक्राफ्ट (संशोधन) बिल 2020 पास किया जाना है। इसी तरह राज्य सभा में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय बिल 2019, राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग बिल 2019 और राष्ट्रीय होमियोपैथी बिल 2019 पेश कर पारित करवाना है। लोकसभा से भेजे गए बिल ‘विवाद से विश्वास’ को भी राज्य सभा में चर्चा कर पारित करवाना है।
Updated on:
11 Mar 2020 10:12 am
Published on:
11 Mar 2020 10:04 am
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