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दिल्ली हिंसाः प्रशांत किशोर ने पीएम मोदी पर साधा निशाना, कहा- पुलिस कमिश्नर के खिलाफ करें कार्रवाई

बस, नीतीश कुमार अपनी बात पर बने रहें NRC-NPR खिलाफ प्रस्ताव पारित कराने वाला बिहार पहला राज्य बिहार में 2010 के फॉर्मेट पर ही एनपीआर
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नई दिल्ली। उत्तर-पूर्व दिल्ली में हिंसा के बाद से सियासी कोहराम थमने का नाम नहीं ले रहा है। बशर्ते आप पार्षद ताहिर हुसैन के घर पेट्रोल बम और अन्य घातक सामग्री मिलने से चरम पर पहुंच गया है। दूसरी तरफ चुनावी रणनीतिकार और जेडीयू पर पूर्व नेता प्रशांत किशोर ने पीएम मोदी पर दिल्ली हिंसा को लेकर निशाना साधा है। प्रशांत किशोर ने पीएम मोदी से दिल्ली पुलिस कमिश्नर के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है।

पीके अपने ट्वीट में कहा है कि दिल्ली में हिंसा गंभीर चूक का प्रमाण है। उन्होंने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर पर टिप्पणी कर कहा है कि उनकी अक्षमता और आपराधिक लापरवाही के लिए कम से कम उनके खिलाफ पीएम मोदी पर कार्रवाई तो करें। दरअसल इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने लिखा था कि दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में व्याप्त स्थिति पर व्यापक समीक्षा की थी। पुलिस और अन्य एजेंसियां शांति और सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने के लिए जमीन पर काम कर रही हैं।

नीतीश को दिया घन्यवाद

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने एनपीआर और एनआरसी बिहार में लागू नहीं होने संबंधी नीतीश कुमार की घोषणा करने और विधानसभा में इस संबंध में प्रस्ताव पास करने पर बुधवार को ट्वीट कर उन्हें धन्यवाद दिया है। उन्होंने लिखा है कि नीतीश कुमार अपनी बात पर बने रहें, लेकिन इसके अलावा बिहार के हित और हमारे आसपास के सामाजिक सौहार्द से जुड़े बड़े मुद्दे भी हैं। हम केवल यह आशा कर सकते हैं कि नीतीश कुमार अपने भीतर के प्रति सचेत रहें और इन दोनों ही मामलों में भी खड़े रहें।

बता दें कि एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ प्रस्ताव पारित कराने वाला बिहार पहला एनडीए शासित राज्य है। बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को पारित कराया गया। बिहार में 2010 के फॉर्मेट पर ही एनपीआर (नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर) होगी। इसमें सिर्फ ट्रांसजेंडर का कॉलम जोड़ा जाएगा। जदयू में रहने के दौरान प्रशांत किशोर भी सीएए और एनआरसी का विरोध करते रहे थे।