
लाल किले से बोले पीएम मोदी, कश्मीर में अपनाएंगे अटल फॉर्मूला, गोली नहीं गले लगाएंगे
नई दिल्ली: लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकबार फिर कश्मीर की समस्या पर अपनी बात रखी है। 72वें स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर की समस्याओं को केवल वहां के लोगों को गले लगाकर ही हल किया जा सकता है गोलियों या दुर्व्यवहार से इसका समाधान नहीं हो सकता। एक घंटे 22 मिनट के भाषण में मोदी ने सात बार कश्मीर का जिक्र किया है।
जम्मू कश्मीर पर अपनाएंगे अटल फॉर्मूला
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की शिक्षाओं का अनुसरण कर रही है। अटलजी ने 'इंसानियत' (मानवता), 'कश्मीरियत' (उदार कश्मीरी संस्कृति) और 'जम्हूरियत' (लोकतंत्र) का आह्रान किया था। मैंने भी कहा है कि कश्मीर के मसले का समाधान कश्मीर के लोगों को गले लगाकर किया जा सकता है।
कश्मीर के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार देश के एकमात्र मुस्लिम बहुल राज्य जम्मू एवं कश्मीर में सभी वर्गों और क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर, जहां फिलहाल राज्यपाल शासन हैं, वहां बहुप्रतीक्षित पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव कराए जाएंगे। उन्होंने हालांकि यह नहीं बताया कि ये चुनाव कब होंगे।
पिछले साल पर कहा था गोली नहीं गले लगाएंगे
बता दें कि पिछले साल भी 15 अगस्त को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा था कि हम गोली या गाली नहीं बल्कि गले लगाकर कश्मीर की मौजूदा समस्या का हल करना चाहते हैं। मोदी ने पहली बार कश्मीर की समस्या को हल करने के लिए अटल सरकार की नीतियों पर चलने की बात कही है।
Published on:
15 Aug 2018 11:49 am
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