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राम मंदिर पर इंद्रेश कुमार के बयान से भूचाल, काबा और वेटिकन की तरह राम जन्मभूमि को बदलना संभव नहीं

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले पर सुनवाई शुरू होने से पहले आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने राम मंदिर पर आक्रामक बयान दिया।
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Dhirendra Kumar Mishra

Oct 29, 2018

Indresh

राम मंदिर पर इंद्रेश कुमार के बयान से भूचाल, काबा और वेटिकन की तरह राम जन्मभूमि को बदलना संभव नहीं

नई दिल्ली। भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह और यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ के बाद अब आरएसएस के नेता इंद्रेश कुमार ने भी देश की शीर्ष अदालत को बड़ा सुझाव दिया है। उन्‍होंने राम मंदिर मुद्दे पर आक्रामक लहजे में कहा कि जिस तरह काबा, हरमंदिर साहब और वेटिकन को बदला नहीं जा सकता है उसी तरह राम जन्‍मभूमि को भी नहीं बदला जा सकता। यह बयान उन्‍होंने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर पर आखिरी सुनवाई शुरू होने से कुछ देर पहले देकर इस मामले में शीर्ष अदालत का ध्‍यान आकर्षित करने की कोशिश की है। उन्‍होंने कहा कि भगवान राम में आस्‍था की बात भर नहीं है। यह उनके जन्‍मस्‍थान का भी मसला है। भला कोई किसी का जन्‍मस्‍थान कैसे बदल सकता है।

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ये है विवाद की कहानी
सुप्रीम कोर्ट की पीठ अयोध्या विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 13 अपीलों पर सुनवाई कर रहा है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में अयोध्या में 2.77 एकड़ के इस विवादित स्थल को इस विवाद के तीनों पक्षकार सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और भगवान राम लला के बीच बांटने का आदेश दिया था। इससे पहले राम मंदिर के लिए होने वाले आंदोलन के दौरान छह दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद को गिरा दिया गया था। इस मामले में आपराधिक केस के साथ-साथ दीवानी मुकदमा भी चला। इसी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 30 सितंबर 2010 को अयोध्या टाइटल विवाद में फैसला दिया था। फैसले में कहा गया था कि विवादित भूमि को तीन बराबर हिस्सों में बांटा जाए। जिस जगह रामलला की मूर्ति है उसे रामलला विराजमान को दिया जाए। सीता रसोई और राम चबूतरा निर्मोही अखाड़े को दिया जाए जबकि बाकी का एक तिहाई जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को दी जाए।

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फैसले के खिलाफ अपील
इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या की विवादित जमीन पर रामलला विराजमान और हिंदू महासभा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। वहीं दूसरी तरफ सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने भी सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अर्जी दाखिल कर दी। इसके बाद इस मामले में कई और पक्षकारों ने याचिकाएं लगाई।

नई बेंच करेगी सुनवाई
अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले में अब सुप्रीम कोर्ट की नई बेंच आज से आखिरी सुनवाई शुरू करेगी। आज ही नियमित सुनवाई की तिथि भी तय होना है। प्रधान न्‍यायाधीश रंजन गोगोई, न्‍यायाधीश संजय किशन कौल और न्‍यायाधीश केएम जोसेफ की बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी।