
Amit Shah in West Bengal
कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में कहा कि एनआरसी के मामले में पश्चिम बंगाल की जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार किसी भी शरणार्थी को भारत छोड़ने के लिए मजबूर नहीं करेगी और उनका भी देश पर उतना ही अधिकार होगा जितना किसी दूसरे नागरिक का है। बंगाल की जनता में जो अविश्वास पैदा किया जा रहा है वह पूर्णतया गलत है। जो लोग पहले से ही प्रताड़ित है उनके साथ मजाक नहीं करना चाहिए।
अमित शाह ने कहा, "सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल पारित होगा और सभी शरणार्थियों को भारत की नागरिकता प्रदान की जायेगी। किसी शरणार्थी को जाने नहीं देंगे और किसी घुसपैठिए को रहने नहीं देंगे। यदि घुसपैठियों को हटाने से संबंधित कदम नहीं लिए जाते हैं तो राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में नुकसान उठाना पड़ेगा। जब देश का मामला होता है तब पार्टी के हित से ऊपर उठकर राष्ट्र का हित देखा जाना चाहिए।"
उन्होंने ने बंगाल की कानून व्यवस्था की स्थिति को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब बंगाल की धरती साहित्य, संगीत तथा वैज्ञानिक की धरती कही जाती थी, न जाने कितने ही धर्म और विचारक बंगाल की धरती से उत्पन्न हुए लेकिन आज स्थितियां बहुत ही चिंताजनक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज बंगाल में कानून व्यवस्था की हालत अत्यंत खराब है, पूरी तरह से शासन व्यवस्था अव्यवस्थित हो चुकी है।
शाह का कहना था कि पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार चरम पर है और मोदी जी द्वारा चलाई जा रही जन कल्याण की योजना आयुष्मान भारत का लाभ यहां की जनता को पहुंचने नहीं दिया जा रहा है। मोदी जी की लोकप्रियता के डर से इस तरह की जनकल्याण की योजनाएं रोकने का काम किया जा रहा है। अमेरिका में भी मोदी जी को बहुत सम्मान मिल रहा है जिससे देश गौरवान्वित है।
अमित शाह ने कहा कि देश के अंदर दूसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार बनाने में पश्चिम बंगाल की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारतीय जनता पार्टी और बंगाल का चोली दामन का रिश्ता रहा है क्योंकि इसी बंगाल की धरती के सपूत श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने नारा लगाया था कि एक देश में दो निशान, दो प्रधान और दो संविधान नहीं रहेंगे।
शाह ने कहा कि बंगाल के सपूत श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिये यहां की जनता ने "जहां हुए बलिदान मुखर्जी वो कश्मीर हमारा है, वह कश्मीर हमारा है- जो सारा का सारा है" का नारा लगाया था।
शाह ने कहा कि जो लोग यह बोलते हैं कि भारतीय जनता पार्टी का बंगाल से क्या लेना देना, उनको मैं संदेश देना चाहता हूं कि आजादी के बाद जब पूरा का पूरा बंगाल पाकिस्तान के अंदर जाने वाला था, बांग्लादेश में जाने वाला था तब हमारे ही नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बंग बंग कराकर पश्चिम बंगाल की रचना की थी।
शाह ने कहा कि पूरे देश की इच्छा थी कि धारा 370 हटे, लेकिन धारा 370 हटाने के समय संसद में जब मतदान हो रहा तब कुछ लोगों ने विरोध किया। उनका कहना था कि नरेन्द्र मोदी की सरकार ने धारा 370 हटा कर कश्मीर को हमेशा के लिए भारत का अभिन्न अंग बनाने तथा श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि देने का काम किया है।
Updated on:
02 Oct 2019 07:52 am
Published on:
01 Oct 2019 06:46 pm
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