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जम्मू-कश्मीर: अमित शाह ने कहा- पाबंदियों में छूट किसी के दबाव में नहीं, बहुत जल्द रिहा किए जाएंगे नजरबंद नेता

Jammu-Kashmir को बहुत जल्द दोबारा मिलेगा राज्य का दर्जा विशेष् राज्य का दर्जा 5 अगस्त को समाप्त कर दिया गया था सरकार का मकसद घाटी में शांति की बहाली है

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गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- कश्मीर में नजबंद अन्य नेता भी रिहा किए जांएगे।

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर ( Jammu-Kashmir ) की नवगठित अपनी पार्टी ( Apni Party ) के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ( Altaf Bukhari ) से मुलाकात के बाद गृह मंत्री अमित शाह ( Home Minister Amit Shah ) ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला ( Farooq Abdullah ) के बाद नजरबंद ( House arrest ) अन्य राजनीतिक बंदियों को भी बहुत जल्द रिहा किया जाएगा। शाह ने इस बात का अश्वासन बुखारी के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल को दिया।

उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के राज्य का दर्जा जल्द बहाल किया जाएगा। क्षेत्र के जनसांख्यिकी ( Demography ) में बदलाव नहीं किया जाएगा। बुखारी के नेतृत्व वाली अपनी पार्टी के 24 सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल ने गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में शाह से गहन चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने शाह से मुलाकात के बाद पीएम मोदी से भी मुलाकात की।

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कई मुद्दों पर प्रतिनिधिमंडल की आशंकाएं दूर करते हुए अमित शाह ( Amit Shah ) कहा कि पाबंदियों में छूट के संबंध में सभी फैसले जमीनी वास्तविकताओं पर आधारित हैं। ये निर्णय किसी के दबाव में नहीं लिए गए हैंं। हिरासत से लोगों की रिहाई, इंटरनेट बहाल किए जाने, कर्फ्यू में छूट जैसे कदमों का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि यहां तक कि आने वाले समय में राजनीतिक कैदियों को भी रिहा कर दिया जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि एक भी व्यक्ति की मौत न हो, चाहे वह आम कश्मीरी हो या सुरक्षाकर्मी।

बता दें कि पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य का विशेष दर्जा पिछले साल पांच अगस्त को समाप्त कर दिया गया था। उसके बाद सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और शाह फैजल समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था। नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को 221 दिनों तक हिरासत में रखे जाने के बाद 13 मार्च को रिहा किया गया है।

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