
जम्मू-कश्मीर निकाय चुनाव: बीजेपी ने पूर्व आतंकी को दिया श्रीनगर से टिकट, मच गई खलबली
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में चंद दिनों बाद नगर निकाय चुनाव होने हैं लेकिन सड़कों और मुहल्लों में चुनाव प्रचार नाम की कोई चीज नहीं है। अधिकांश लोगों को अपने इलाके के प्रत्याशी के बारे में जानकारी ही नहीं है, क्योंकि राजनीतिक दलों ने आतंकियों के डर से अबतक अपने प्रत्याशियों के नाम का खुलासा ही नहीं किया है। इसी बीच श्रीनगर से निकाय चुनाव के लिए बीजेपी के टिकट पर भाग्य आजमा रहे प्रत्याशी मोहम्मद फारूक खान सुर्खियों में आ गए हैं। दरअसल सैफुल्ला लंबे समय तक जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट और हरकत-उल-मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठन के लिए काम कर चुके हैं और साढ़े 10 साल की सजा काटकर बाहर आए हैं।
विवाद बढ़ा तो सामने आए फारूक
पूर्व आतंकी के चुनाव लड़ने की खबर मीडिया में आई तो जम्मू कश्मीर की राजनीति में खलबली मच गई। इसके बाद फारूक ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात की। उन्होंने कहा कि कभी इन संगठनों के लिए काम करता था और इसकी सजा काट चुका हूं। मैंने पूर्व आतंकियों के पुनर्वास के लिए जम्मू कश्मीर मानव कल्याण संगठन का गठन किया। जिन लोगों के लिए मैंने हथियार उठाया था, मुझे नहीं पता था वे लोग सिर्फ नोट गिन रहे हैं।
आज भी मुझे गाली देते हैं लोग: मोहम्मद फारूक खान
मोहम्मद फारूक खान ने कहा कि लोग मुझे आज भी गालियां दे रहे हैं और पहले भी दिया करते थे। अब तो मैं अमन-चैन के लिए काम कर रहा हूं फिर भी मुझे गालियां मिल रही हैं। मैं चुनाव जीतने के बाद पूर्व आतंकियों और उनके पुनर्वास पर खर्च करुंगा। फारूक ने बताया कि उन्होंने सरकार की पुनर्वास नीति के आधार पर सरेंडर नहीं किया था।
8 अक्टूबर से चार चरणों में होंगे चुनाव
बता दें कि जम्मू एवं कश्मीर में शहरी निकाय चुनाव आठ अक्टूबर से चार चरणों में होंगे। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी शालीन काबरा ने बताया था ति नगर निगम चुनाव 8,10,13 और 16 अक्टूबर को चार चरणों में कराए जाएंगे। ये चुनाव आठ अक्टूबर से शुरू होंगे। चुनाव के लिए 17 लाख मतदाता पंजीकृत हैं। राज्य की दो बड़ी क्षेत्रीय पार्टियों नेशनल कांफ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी(पीडीपी) ने घोषणा की है कि वे लोग इन चुनावों से दूर रहेंगे। अलगाववादियों ने लोगों से नगर निगम व पंचायत दोनों चुनावों का बहिष्कार करने के लिए कहा है।
Published on:
03 Oct 2018 03:44 pm
